Guru Gochar 2025: ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को ज्ञान, समृद्धि, विवाह, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना जाता है। गुरु ग्रह विस्तार, भाग्य और नैतिक मूल्यों के प्रतीक भी हैं। 18 अक्टूबर 2025 को रात 9 बजकर 39 मिनट पर गुरु ग्रह मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर कर जाएंगे। दरअसल, कर्क राशि गुरु की उच्च राशि है, जहां यह अपनी पूर्ण शक्ति प्राप्त कर सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यह गोचर भावनात्मक विकास, पारिवारिक सुख, आर्थिक वृद्धि और स्वास्थ्य लाभ लाएगा। हालांकि, सभी राशियों पर इसका प्रभाव अलग-अलग होगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह अत्यंत शुभ रहेगा।
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गुरु हमेशा 1 साल में अपनी राशि परिवर्तित करते हैं, लेकिन वे अभी अतिचारी चाल चल रहे हैं। ऐसे में वे 18 अक्टूबर को कर्क राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद वे 5 दिसंबर को वापस मिथुन राशि में आ जाएंगे। गुरु का कर्क राशि में गोचर भावनात्मक गहराई, पोषण और पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देगा। कर्क एक जलतत्व की राशि है और इसके स्वामी चंद्रमा हैं। गुरु यहां अपनी विस्तारकारी ऊर्जा को भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर प्रकट करेंगे।
सकारात्मक रूप से, यह गोचर करियर में उन्नति, विवाह के योग, संतान सुख और धन प्राप्ति के अवसर प्रदान करेगा। नकारात्मक रूप से, यदि कुंडली में गुरु कमजोर हो तो भावुकता अधिक या स्वास्थ्य संबंधी छोटी परेशानियां हो सकती हैं। वे राशियां जिनके लिए कर्क राशि अनुकूल भाव जैसे लग्न, चतुर्थ, सप्तम, एकादश में आती है, उन्हें इस गोचर से अधिक लाभ मिलेगा। यह गोचर विशेष रूप से शिक्षकों, वकीलों, चिकित्सकों और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए फलदायी रहेगा। आइए जानते हैं कि यह गोचर किन राशि वालों के लिए अच्छा रहने वाला है?
वृषभ राशि
वृषभ राशि वालों के लिए गुरु का गोचर द्वितीय भाव में होगा, जो धन, वाणी और परिवार से संबंधित है। यह गोचर वृषभ राशि वालों को आर्थिक समृद्धि और पारिवारिक सुख प्रदान करेगा। आय के नए स्रोत खुलेंगे। इस दौरान आपको वेतन वृद्धि या व्यापारिक लाभ देखने को मिल सकता है। वाणी में मिठास आएगी, जिससे सामाजिक संबंध मजबूत होंगे। परिवार से सुखद समाचार मिलेंगे और निवेश फलदायी रहेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से गले या दांत संबंधी समस्याओं में राहत मिलेगी। लव लाइफ में स्थिरता आएगी।
उपाय: गुरुवार को चने की दाल का दान करें।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए गुरु का गोचर आपके लग्न भाव में होगा, जो व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को प्रभावित करेगा। यह गोचर कर्क राशि वालों के लिए स्वर्णिम अवसर लेकर आएगा। उच्च गुरु की स्थिति से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां या प्रमोशन मिल सकता है। आर्थिक रूप से, पुराने निवेशों से लाभ होगा और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बनेगा। विवाह योग्य लोगों के लिए शुभ प्रस्ताव आएंगे और संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा, विशेष रूप से पाचन और मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
उपाय: गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें और 'ॐ गुरवे नमः' मंत्र का जाप करें।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए गुरु का गोचर 11वें भाव में होगा, जो लाभ, मित्र और इच्छापूर्ति का भाव है। यह गोचर कन्या राशि वालों के लिए भाग्यवर्धक रहेगा। दोस्तों और सामाजिक नेटवर्क से सहयोग मिलेगा, जो करियर में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। आय में वृद्धि होगी और पुराने रुके कार्य पूरे होंगे। रचनात्मक परियोजनाओं में सफलता मिलेगी और विवाह या संतान सुख के योग बनेंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन अधिक खर्च से बचें।
उपाय: गुरुवार को पीली चीजों का दान करें।
मकर राशि
मकर राशि वालों के लिए गुरु का गोचर सातवें भाव में होगा, जो विवाह और पार्टनरशिप का भाव है। यह गोचर मकर राशि वालों को वैवाहिक सुख और बिजनेस पार्टनरशिप देगा। जीवनसाथी का सहयोग बढ़ेगा और अविवाहितों के लिए विवाह के शुभ योग बनेंगे। व्यापार में नई साझेदारियां लाभकारी रहेंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा।
उपाय: गुरुवार को पीले चावल का दान करें।
मीन राशि
मीन राशि वालों के लिए गुरु का गोचर उनके पंचम भाव में होगा, जो संतान, शिक्षा और प्रेम से संबंधित है। यह गोचर मीन राशि वालों के लिए रचनात्मक और आध्यात्मिक उन्नति लाएगा। उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। संतान सुख प्राप्त होगा और लव लाइफ में रोमांस बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नए विचारों से लाभ होगा और धन प्राप्ति के योग बनेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से मानसिक शांति बनी रहेगी।
उपाय: गुरुवार को पीले फूलों की माला गुरु को अर्पित करें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
