Chandra Grahan Ke Baad Nahana Jaruri Hai Kya: ग्रहण को अशुभ और अपवित्र काल माना गया है। इस समय राहु और केतु की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, जिसे दोषपूर्ण कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण समाप्त होते ही स्नान करने से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है। लेकिन ये इतना जरूरी क्यों है, इसकी जानकारी आपको यहां से मिलेगी। साथ ही यहां बताया गया है कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद कितने बजे आपको स्नान करना है और कितने बजे आप नाश्ता कर सकते हैं।
क्या चंद्र ग्रहण के बाद नहाना जरूरी है?
हां, चंद्र ग्रहण के बाद नहाना जरूरी है। किसी भी ग्रहण के बाद हर किसी को स्नान जरूर करना चाहिए। इस बात का जिक्र पुराणों में भी किया गया है। असल में जब भी कोई ग्रहण पड़ता है तो उस दौरान कई प्रकार की नकारात्मक शक्तियां पास आती हैं जिसके कारण शरीर अपवित्र हो जाता है। ऐसे में नहीं नहाने पर शरीर अशुद्ध ही माना जाता है। इसलिए ग्रहण के बाद नहाना बहुत जरूरी माना जाता है।
चंद्र ग्रहण के बाद नहाते हुए पढ़ें ये मंत्र-
ग्रहणानन्तरे स्नानं, दानं च विशेषतः।शुद्धिर्भवति पूर्णा हि, पापक्षयः प्रजायते॥
चंद्र ग्रहण के बाद स्नान करने के वैज्ञानिक कारण-
हालांकि आधुनिक विज्ञान ग्रहण को एक प्राकृतिक खगोलीय घटना मानता है, लेकिन ग्रहण के समय वायुमंडलीय विकिरण में मामूली परिवर्तन आ सकते हैं। इससे शरीर की थकान, मन की चंचलता या असहजता हो सकती है। स्नान शरीर को तरोताजा करने और मानसिक रूप से शांति देने का एक व्यावहारिक उपाय है।
चंद्र ग्रहण के बाद क्या रहेगा नहाने का शुभ समय?
चंद्र ग्रहण मध्य रात्रि में ही समाप्त हो रहा है। ऐसे में आप अगली सुबह यानी 8 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सकते हैं।
