Greh Kalesh : सात फेरों से बंधा सात जन्मों का पति पत्नी का रिश्ता सिर्फ दो लोगों के जीवन का आधार ही नहीं है। ये तो वो बुनियाद है जो एक पूरे वंश को खड़ा करती है लेकिन दांपत्य जीवन में अंहकार, क्रोध विष की तरह काम करते हैं। बात−बात पर पति का गुस्सा करना या झगड़ा रहना गृहस्थी की खुशियों तनाव का ग्रहण लगाने का काम करता है। यहां दिए कुछ विशेष उपाय बेपटरी गृहस्थ जीवन को पटरी पर लाने में कर सकते हैं आपकी मदद।
पति के क्रोध को करें शांत
जिस स्त्री का पति बिना बात के क्राेध करता हो, तो वह स्त्री शुक्ल पक्ष के प्रथम रविवार, सोमवार, गुरुवार या शुक्रवार को नए सफेद कपड़े में एक डली गुड़, चांदी एवं तांबे के दो सिक्के, एक मुट्ठी नमक और एक मुट्ठी गेंहू को बांधकर रख दें। कुछ ही समय में पति क्रोध करना बंद कर देगा।
तनाव को दूर करने के लिए उपाय
दाम्पत्य जीवन में तनाव दूर करने के लिए शुक्रवार के दिन किसी कन्या को बुलाकर उसे सफेद मीठी खीर खिलानी चाहिए। ऐसा11 बार करना चाहिए। शुक्ल पक्ष से यह प्रयोग आरंभ करें। धीरे−धीरे तनाव या कलह चमत्कारी रूप से दूर हो जाएंगी।
झगड़ा मिटाने के उपाय
यदि पति−पत्नी में बिना किसी बात के झगड़ा होता हो तो अपने सोने के कमरे में पति अपने तकिये के नीचे लाल सिंदूर और पत्नी अपने तकिये के नीचे कपूर रखें। प्रातः काल पति आधा सिंदूर घर में कहीं गिरा दे और आधे से पन्नी की मांग भर दे। झगड़ा समाप्त हो जाएगा।
सुख शांति के लिए
परिवार में सुख शांति सदैव बनी रहे, कलह, क्लेश, उत्पन्न होकर परिवार में कटुता, वैमनस्य न बढ़े इसके निवारण के लिए रविवार को एक मि्टी के पात्र में अंगारे रखकर कबूतर की सूखी बीट को डालकर उसका धुंआ प्रत्येक कमरे में दे दें।
गृहस्थी सुख के लिए
यदि पति− पत्नी के संबंधाें में कटुता आ गयी हो तो सिपी का पूजन कर अपने बाएं हाथ में एक सिपी रखकर दाएं से ढंक दें। फिर 14 बार इस मंत्र का ऊं श्री हीं पूर्ण गृहस्थ सुख सिद्धये हीं श्री ऊं नमः उच्चारण कर उस सिपी को तोड़कर कहीं दूर फेंक दें। तीन दिन तक ये ही उपाय करें। आपसी कटुता समाप्त होगी और प्रेम बढ़ेगा।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
