Holika Dahan Puja Mantra In Hindi: हिंदू धर्म में होलिका पूजन का विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं फाल्गुन पूर्णिमा के दिन जो व्यक्ति शुभ मुहूर्त में होलिका दहन करता है उसके परिवार में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है और सकारात्मकता का वास होता है। लेकिन अगर आप होलिका दहन पूजन से विशेष लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें जिनके बिना ये पूजा अधूरी मानी जाती है। यहां देखें होलिका दहन पूजा मंत्र।
Holika Dahan Puja Mantra
होलिका पूजा मंत्र (Holika Puja Mantra)
1. होलिका दहन की पूजा में सभी सामग्री एक साथ रख लें। इन पूजा में मुख्य रूप से कच्चा सूत, सूखा नारियल, गेहूं, फूल, हल्दी, रोली, अक्षत, तिल के बीज, मूंग की दाल जैसी विभिन्न दालें, चीनी से बने खिलौने, मूंगफली, गुड़, पवित्र गंगा जल और ताजी फसल के अनाज की जरूरत होती है। फिर होलिका दहन की पूजा शुरू करें और सबसे पहले इस मंत्र के साथ अपने ऊपर और पूजा सामग्री पर थोड़ा सा जल छिड़क लें...
ऊँ पुण्डरीकाक्ष: पुनातु।
2. इसके बाद आपको पूजा संकल्प लेना होगा। संकल्प मंत्र इस प्रकार है-
ऊँ विष्णु: विष्णु: विष्णु: श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया अद्य दिवस ___ (यहां आपके भगवान का नाम बोलें) नाम संवत्सरे संवत् ___(पूजा का वर्ष बोलें) फाल्गुन मासे शुभे शुक्लपक्षे पूर्णिमायां शुभ तिथि ___(पूजा की तारीख बोलें) __ गौत्र (अपने गौत्र का नाम लें) आय __ (अपना नाम कहे) मम इह जन्मनि जन्मान्तरे वा सर्वपापक्षयपूर्वक दीर्घायुविपुलधनधान्यं शत्रुपराजय मम् दैहिक दैविक भौतिक त्रिविध ताप निवृत्यर्थं सदभीष्टसिद्धयर्थे प्रह्लादनृसिंहहोली इत्यादीनां पूजनमहं करिष्यामि। इस तरह से पूजा का संकल्प लें।
3. इसके बाद आपको इस मंत्र का जाप करते हुए भगवान गणेश की पूजा प्रारंभ करनी है।
गजाननं भूतगणादिसेवितं कपित्थजम्बूफलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोकविनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपमजम्।।
ऊँ गं गणपतये नम: पंचोपचारार्थे गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि।
4. इसके बाद मां अंबिका की पूजा इस मंत्र के साथ शुरू करें-
ऊँ अंबिकायै नम: पंचोपचारार्थे गंधाक्षतपुष्पाणि सर्मपयामि।।
5. फिर भगवान नरसिंह की पूजा इस मंत्र का जाप करते हुए शुरू करें और भगवान को एक साफ फूल पर रोली और चावल लगाकर चढ़ाएं-
ऊँ नृसिंहाय नम: पंचोपचारार्थे गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि।।
6. फिर से एक फूल पर रोली और चावल लगाकर भगवान विष्ण के भक्त प्रह्लाद को अर्पित करते हुए इस मंत्र का जाप करें-
ऊँ प्रह्लादाय नमः पंचोपचारार्थे गंधाक्षतपुष्पाणि समर्पयामि।।
7. अब हाथ जोड़कर होलिका की पूजा करें और इस मंत्र का जाप करें-
असृक्पाभयसंत्रस्तै: कृता त्वं होली बालिशै:
अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव:।।
8. होलिका जलाते समय और उसकी अग्नि में सामग्री अर्पित करते समय इस मंत्र को बोलें-
अहकूटा भयत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम्।
9. होलिका दहन के बाद उसकी भस्म को अपने माथे पर लगाते हुए इस मंत्र को बोलें-
वंदितासि सुरेन्द्रेण ब्रह्मणा शंकरेण च।
अतस्त्वं पाहि मां देवी! भूति भूतिप्रदा भव।।
होलिका दहन पूजा मंत्र (Holika Dahan Puja Mantra)
होलिका के लिए मंत्र- ॐ होलिकायै नम:
परमभक्त प्रह्लाद के लिए मंत्र- ॐ प्रह्लादाय नम:
भगवान नरसिंह के लिए मंत्र- ॐ नृसिंहाय न
ज्योतिष अनुसार अगर होलिका दहन की पूजा आप इन मंत्रों के साथ करते हैं तो उस पूजा का आपको पूर्ण फल प्राप्त हो जाएगा। इसके अलावा इस दिन आप अलग से भगवान नरसिंह के मंत्रों का जाप जरूर करें।
