Holi Bhajan Lyrics (होली के गाने): इस साल होली का त्योहार 14 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं और नाच गाकर इस पर्व का आनंद लेते हैं। होली के पर्व में चार चांद लगा देते हैं इस पर्व से जुड़ी गाने। जिनके बिना ये त्योहार अधूरा सा लगता है। इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं होली के वो सदाबहार गीत जिनके बिना ये पर्व फीका सा लगता है। चलिए देखें होली के भजनों के लिरिक्स।
Holi Bhajan Lyrics In Hindi
Holi Ke Bhajan (होली के भजन)
आज बिरज में होरी रे रसिया (Aaj Biraj Mein Hori Re Rasiya)
आज बिरज में होरी रे रसिया
आज बिरज में होरी रे रसिया ।
होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया ॥
अपने अपने घर से निकसी,
कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया ।
कौन गावं के कुंवर कन्हिया,
कौन गावं राधा गोरी रे रसिया ।
नन्द गावं के कुंवर कन्हिया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया ।
कौन वरण के कुंवर कन्हिया,
कौन वरण राधा गोरी रे रसिया ।
श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे,
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया ।
इत ते आए कुंवर कन्हिया,
उत ते राधा गोरी रे रसिया ।
कौन के हाथ कनक पिचकारी,
कौन के हाथ कमोरी रे रसिया ।
कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया ।
उडत गुलाल लाल भए बादल,
मारत भर भर झोरी रे रसिया ।
अबीर गुलाल के बादल छाए,
धूम मचाई रे सब मिल सखिया ।
चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया ।
आज बिरज में होरी रे रसिया ।
होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया ॥
होली के भजन लिरिक्स (Holi Bhajan Lyrics)
राधा कृष्ण ने मिलकर खेली,
बरसाने की होली,
राधा कृष्ण ने मिलकर खेली,
बरसाने की होली,
संग किशन के बाल सखा हैं,
संग किशन के बाल सखा हैं,
सखियन संग राधा टोली,
होली रे होली,
बरसाने की होली,
होली रे होली,
बरसाने की होली,
हाथो में लेकर रंग और गुलाल,
मोहन ने रंग डाले राधा के गाल,
हाथो में लेकर रंग और गुलाल,
मोहन ने रंग डाले राधा के गाल,
राधा की होली भी सचमुच कमाल,
श्याम रंग वाले को कर डाली लाल,
धूम धड़ाका खूब मची है ,
मस्त मगन हर टोली टोली,
बरसाने की होली,
होली रे होली,
बरसाने की होली,
लाल मेरे लाल की, मैं जित देखु उत लाल,
लाली देखन मैं चली, मैं भी हो गयी लाल,
नैनों से बाते करें नंदलाल,
मुस्का के राधा रानी करती सवाल,
नैनों से बाते करें नंदलाल,
मुस्का के राधा रानी करती सवाल,
आज नहीं मन में है कोई मलाल,
बरसा बरसाने में जैसे गुलाल,
धूम धड़ाका खूब मची है ,
मस्त मगन हर टोली टोली,
बरसाने की होली,
होली रे होली,
बरसाने की होली,
राधा कृष्ण ने मिलकर खेली,
बरसाने की होली,
राधा कृष्ण ने मिलकर खेली,
बरसाने की होली,
संग किशन के बाल सखा हैं,
संग किशन के बाल सखा हैं,
सखियन संग राधा टोली,
होली रे होली,
बरसाने की होली,
होली के गाने (Holi Ke Gane)
आया फागुन आ गई होली
राधा खेलो मेरे संग होली
होली खेलो ना राधा खेलो ना
शाम छेडो ना मोहे छेडो ना
हम तो होली मे बरसाने जायेगे
होली साॅवरे केसाथ ही मनायेगे
वो तो डारेगे जोरा जोरी
राधा खेलो मेरे संग होली
हम तो होली मे कुज गली जायेगे
वहा सखियो के रंग लगायेगे
हम तो डारेगे भर पिचकारी राधा
खेलो मेरे संग होली
हम तो होली मे बरसाने जायेगे
पीछे पीछे कन्हैया दौडे आयेगे
वो तो डारेगे जोराजोरी राधा खेलो मेरे संग होली
शाम गावो मै रंग लगायेगे
गोरे गालो मे रंग लगायेगे
वो तो खेलेगे भर भर बोली राधा खेलो मेरे संग होली
आया फागुन,
होली के गीत (Holi Ke Geet)
होली खेलन राधा आई रे आओ श्याम बिहारी,
श्याम बिहारी घनश्याम बिहारी,
रुत रंगा की आई रे आओ श्याम बिहारी,
होली खेलन राधा आई रे…
घिस घिस केसर रंग बनाया,
भांत भांत का इतर मिलाया,
दिल में उमींगे छाई रे,
आओ श्याम बिहारी,
होली खेलन राधा आई रे….
ग्वाल बाल सब सखियाँ आई,
कह नवी को श्याम कन्हाई,
अपना होश समाई रे,
आओ श्याम बिहारी,
होली खेलन राधा आई रे…
आज श्याम नहीं बच पाओ गे,
छुप कर हमसे किट जाओगे,
नंदू अर्ज लगाई रे,
आओ श्याम बिहारी,
होली खेलन राधा आई रे…
होली खेल रहे नन्दलाल गोकुल की कुञ्ज गलिन में (Holi Khel Rahe Nandlal)
होली खेल रहे नन्दलाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।
मेरे घर मारी पिचकारी,
मेरी भीगी रेशम साड़ी,
मेरे घर मारी पिचकारी,
मेरी भीगी रेशम साड़ी,
अरे मेरे मुँह पे मलो गुलाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।
लिए ग्वाल बाल सब संग में,
रंग गई बसंती रंग में,
लिए ग्वाल बाल सब संग में,
रंग गई बसंती रंग में,
अरे मेरी चली ना कोई चाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।
मेरी रन्ग से भरी कमोरी,
कंकरिया मार के फोरी,
मेरी रन्ग से भरी कमोरी,
कंकरिया मार के फोरी,
में तो पड़ी हाल बेहाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।
मोसे हँस के बोलो बेना,
तोहे सही बताऊ बहना,
मोसे हँस के बोलो बेना,
तोहे सही बताऊ बहना,
मैं कर दई हरी और लाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।
होली खेल रहे नन्दलाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।
