हेरंब संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा: रानी दमयंती ने कैसे पाया खोया परिवार और राजपाट, पढ़ें भादो कृष्ण चौथ की पूरी कहानी

Heramba Sankashti Chaturthi Vrat Katha: हेरंब संकष्टी चतुर्थी पर पढ़ें राजा नल और रानी दमयंती की पौराणिक कथा। जानें कैसे गणेश व्रत से उनका परिवार मिला और खोया राजपाट वापस आया।

Heramba Sankashti Chaturthi Vrat Katha: हेरंब संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश के हेरंब स्वरूप को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से व्रत रखने और व्रत कथा सुनने से जीवन के संकट कम होते हैं। खासकर जब परिस्थितियां साथ न दे रही हों, परिवार बिखर रहा हो या किसी काम में बार-बार बाधा आ रही हो, तब भक्त हेरंब गणपति से रक्षा और सही मार्ग दिखाने की प्रार्थना करते हैं।

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हेरंब संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

हेरंब गणपति का स्वरूप भी विशेष माना गया है। उनके पांच मुख और दस भुजाएं बताई गई हैं। उनका वाहन सिंह है। भगवान गणेश का यह स्वरूप निर्बल और संकट में घिरे लोगों की रक्षा करने वाला माना जाता है।

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