Hariyali Amavasya Vrat Katha: हरियाली अमावस्या व्रत कथा, पढ़ें राजा-रानी की कहानी हिंदी में

Hariyali Amavasya Vrat Katha (हरियाली अमावस्या की कहानी): आज हरियाली अमावस्या है। इस शुभ दिन पर भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा की जाती है। पूजा के साथ कथा पढ़ने का भी विशेष महत्व होता है। यहां से आप हरियाली अमावस्या की कथा पढ़ सकते हैं। इस कथा को पढ़ने मात्र से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।

Hariyali Amavasya Vrat Katha (हरियाली अमावस्या की कहानी): सावन महीने की अमवास्या को ही हरियाली अमावस्या या श्रावणी अमावस्या कहते हैं। इस दिन शिव-पार्वती के साथ पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि अमावस्या के दिन पीपल की पूजा करने के बाद कथा सुनने व पढ़ने मात्र से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख समृद्धि आती है। यहां से आप हरियाली अमावस्या की कथा हिंदी में पढ़ सकते हैं।

हरियाली अमावस्या व्रत कथा 2025 (Photo Source: Canva)

हरियाली अमावस्या व्रत कथा (Hariyali Amavasya ki Kahani)

प्राचीन काल में एक प्रतापी राजा था। उसका एक बेटा और एक बहू थी। एक दिन उसकी बहू ने चोरी से मिठाई खा ली और नाम चूहे का लगा दिया। जिससे चूहा क्रोधित हो गया और उसने निश्चय किया कि वह जल्द ही असली चोर को राजा के सामने लेकर आएगा। एक दिन राजा के महल में कुछ मेहमान आए। जो राजा के कमरे में सोये हुए थे। चूहे ने रानी की साड़ी ले जाकर उस कमरे में रख दिया। जब मेहमानों की सुबह आंखें खुलीतो वह अपने सामने रानी का कपड़ा देखा तो हैरान रह गए। जब राजा को इस बात की जानकारी मिली तो उसने अपनी बहू को महल से बाहर निकाल दिया।

End of Feed