Govardhan Maharaj ki Aarti Lyrics (गोवर्धन पूजा आरती लिरिक्स, तेरे माथे मुकुट विराज रहे हो श्री गोवर्धन महाराज): कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा मनाया जाता है। आज 22 अक्टूबर को वही शुभ दिन है। आज के दिन गोवर्धन पर्वत और श्रीकृष्ण की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन गिरीराज महाराज की पूजा करने से धन, संतान और गौ रस में वृद्धि होती है। आज की गोवर्धन पूजा के बाद आरती जरूर की जाती है। गोवर्धन भगवान की आरती के लिरिक्स आप यहां से देख सकते हैं। तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ श्री गोवर्धन महाराज आरती के लिरिक्स यहां मौजूद हैं।
govardhan puja aarti lyrics in hindi (pic credit: iStock)
॥ आरती श्री गोवर्धन महाराज की ॥ (Shri Govardhan Maharaj Ki Aarti)
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तोपे पान चढ़े, तोपे फूल चढ़े,
तोपे चढ़े दूध की धार ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे गले में कंठा साज रेहेओ,
ठोड़ी पे हीरा लाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरे कानन कुंडल चमक रहेओ,
तेरी झांकी बनी विशाल ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
तेरी सात कोस की परिकम्मा,
चकलेश्वर है विश्राम ।
श्री गोवर्धन महाराज, ओ महाराज,
तेरे माथे मुकुट विराज रहेओ ।
गिरिराज धारण प्रभु तेरी शरण ।
