Ganesh Chaturthi 2025: 11वीं शताब्दी के इस मंदिर में जल में विराजमान हैं गणपति, लगातार बढ़ रहा प्रतिमा का आकार

Ganesh Chaturthi 2025: गणेश चतुर्थी का त्योहर आने ही वाला है। आज जानें एक ऐसे गणेश मंदिर के बारे में जहां गणपति की प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ रहा है। यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था। मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है बल्कि इसकी कहानी भी अद्भुत है।

Ganesh Chaturthi 2025: भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। देश के हर राज्य में अनगिनत मंदिर हैं, जो ईंट-पत्थरों से बने केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और चमत्कार का ऐसा संगम है जो भक्त के लिए बेहद खास है। ऐसा ही एक विघ्ननाशक गणपति का मंदिर तिरुपति से 68 किलोमीटर और चित्तूर से महज 11 किलोमीटर दूर स्थित है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित कनिपकम श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके पीछे की अद्भुत पौराणिक कथा और चमत्कारिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं।

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भगवान गणेश (Pic: AI Image)

वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर की कहानी क्या है

आंध्र प्रदेश सरकार के ऑफिशियल वेबसाइट पर मंदिर के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है। इस मंदिर की गिनती आंध्र प्रदेश के ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में की जाती है। मंदिर से जुड़ी कथा के अनुसार, प्राचीन काल में तीन भाई रहते थे, जिनमें एक गूंगा, दूसरा बहरा और तीसरा अंधा था। तीनों ने मिलकर खेती करने की योजना बनाई। खेती के लिए पानी की आवश्यकता होने पर उन्होंने जमीन में कुआं खोदना शुरू किया। खुदाई करते समय उनका यंत्र किसी कठोर वस्तु से टकराया और तभी कुएं से रक्त प्रवाहित होने लगा। आश्चर्यजनक रूप से उसी क्षण तीनों भाई अपनी-अपनी विकलांगता से मुक्त हो गए। जब गांव वाले वहां पहुंचे तो उन्हें कुएं के भीतर गणेश जी की मूर्ति दिखाई दी। ग्रामीणों ने और खुदाई की, लेकिन मूर्ति का आधार नहीं मिला।

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