Vinayak Chaturthi 2023 Date And Time: पंचांग अनुसार शुक्ल पक्ष की गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2023) को विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi Kab Hai)के नाम से जाना जाता है। ये चतुर्थी हर महीने में पड़ती है। अगस्त की विनायक चतुर्थी की शुरुआत 19 अगस्त की रात 10 बजकर 19 मिनट से होगी और इसकी समाप्ति 20 अगस्त की देर रात 12 बजकर 21 मिनट पर होगी। ऐसे में विनायक चतुर्थी व्रत 20 अगस्त रविवार को रखा जाएगा। ये गणेश चतुर्थी तिथि हरियाली तीज (Hariyali Teej Kab Hai 2023) के एक दिन बाद और नाग पंचमी (Nag Panchami Kab Hai 2023) से एक दिन पहले पड़ेगी। जानिए विनायक चतुर्थी की पूजा विधि (Vinayak Chaturthi 2023 Kerala) और शुभ मुहूर्त।
vinayak chaturthi August 2023 Date And Time
विनायक चतुर्थी 2023 तिथि और मुहूर्त (Vinayak Chaturthi 2023 Date And Time)
| विनायक चतुर्थी 2023 | 20 अगस्त 2023, रविवार |
| विनायक चतुर्थी मध्याह्न समय | 11:14 AM से 01:53 PM |
| अवधि | 02 घण्टे 39 मिनट |
| विनायक चतुर्थी प्रारम्भ | 19 अगस्त 2023 को 10:19 PM |
| विनायक चतुर्थी समाप्त | 21 अगस्त 2023 को 12:21 AM |
| गणेश चतुर्थी | 19 सितंबर 2023 |
विनायक चतुर्थी पूजा विधि 2023 (Vinayak Chaturthi 2023 Puja Vidhi)
- इस दिन सुबह सभी कार्यों से निवृत होकर स्नान करें।
- फिर घर में या मंदिर में जाकर भगवान गणेश की विधि विधान पूजा करें।
- गणेश मंत्र का उच्चारण करें।
- गणेश भगवान को फूल, चंदन, मिठाई, फल और पान का पत्ता चढ़ाएं।
- धूप जलाकर विनायक चतुर्थी की कथा पढ़ें।
- अंत में गणेश जी की आरती करें।
- शाम में गणेश जी की दोबारा से पूजा करें।
- इस व्रत में फलाहार कर सकते हैं।
गणेश महामंत्र (Ganesh Ji Mantra)
प्रातर्नमामि चतुराननवन्द्यमानमिच्छानुकूलमखिलं च वरं ददानम्।
तं तुन्दिलं द्विरसनाधिपयज्ञसूत्रं पुत्रं विलासचतुरं शिवयो: शिवाय।।
प्रातर्भजाम्यभयदं खलु भक्तशोकदावानलं गणविभुं वरकुञ्जरास्यम्।
अज्ञानकाननविनाशनहव्यवाहमुत्साहवर्धनमहं सुतमीश्वरस्य।।
गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी के उपाय (Vinayak Chaturthi 2023 Upay)
भगवान गणेश की विशेष कृपा पाने के लिए इस दिन भगवान गणेश को दूर्वा की माला अर्पित करें। साथ ही घी और गुड़ का भोग लगाएं। पूजा के बाद यह घी और गुड़ किसी गाय को खिला दें या जरुरतमंदों में बांट दें। जीवन की परेशानियां दूर करने के लिए भगवान गणेश के सामने चौमुखी दीपक जलाएं। इस दिन सूर्यअष्टक का 3 बार पाठ करें। गणपति भगवान को पांच मोदक और पांच लाल गुलाब अर्पित करें।
