Ekdant Sankashti Chaturthi Vrat Katha: गणेश जी का ये व्रत करके हो जाएंगे एकदम सुखी, हिंदी में पढ़ें एकदंत संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated May 8, 2023, 05:41 AM IST

Ekdant Sankashti Chaturthi 2023 Vrat katha: गणपति बप्पा का पूजन कर जीवन में आ जाएगी सुख, शांति और समृद्धि। यहां देखें सभी दुखों का निवारण करने वाली एकदंत संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा। जिसका विधिपूर्वक पाठ करने पर जातकों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

Ekdant Sankashti Chaturthi 2023 Vrat katha: ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर एकदंत संकष्टी चतुर्थी की पावन बेला का उत्सव मनाया जाता है। इस साल एकदंत संकष्टी चतुर्थी 8 मई 2023 सोमवार को पड़ रही है। हिंदू धर्म के अनुसार किसी भी काम को करने से पहले अथवा किसी भी दुख या कष्ट का निवारण करने के लिए श्री गणेश की स्तुति अत्यंत महत्वपूर्ण है। एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी के साथ इस वर्ष शिव का भी बेहतरीन योग बन रहा है। यहां देखें एकदंत संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा, जिसका दिल से पाठ करने पर हर जातक के दुखों का निवारण होगा अथवा संतान प्राप्ति से लेकर सुख की प्राप्ति तक सब हो जाएगी।

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पौराणिक कथाओं के अनुसार, बहुत ही मधुर बेला में श्री विष्णु का विवाह माता लक्ष्मी के साथ तय हुआ था। और विवाह में अपना आशीर्वाद और बधाई देने के लिए सभी देवतागणों को लक्ष्मी पति द्वारा दिल से न्योता भेजा गया था। लेकिन न्योता भेजते वक्त विष्णु जी ने श्री गणेश को आमंत्रण नहीं भेजा। तैयारी के दिन गुज़र गए और फिर लक्ष्मी जी और विष्णु जी के विवाह का दिन आ गया। विवाह में वैकुंठ धाम के सभी देवी-देवता शामिल हुए लेकिन उन्होंने पाया कि शादी में गणपति जी तो आए ही नहीं हैं। सभी देवतागण ये सोच कर बहुत आश्चर्यचकित हो उठे कि, आखिर शादी के लिए गणेश जी को क्यों आमंत्रित नहीं किया गया। अपनी दुविधा दूर करने के लिए सभी देवतागण एकत्रित होकर विष्णु जी के समीप पहुंचे और पूछने लगे कि आखिर गणेश जी को शादी में क्यों नहीं बुलाया गया है। तो इस बात का उत्तर देते हुए विष्णु जी ने कहा कि, मैंने गणेश जी के पिता भोलेनाथ को न्योता दिया था। अब वे अपने पिता के साथ शादी में आना चाहते तो आ सकते थे, मुझे उन्हें अलग से न्योता देने की आवश्यकता नहीं लगी।

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