Sankashti Chaturthi 2026 Vrat katha: द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा से जानें इसका महत्व, यहां पढ़ें आज की संकष्टी चतुर्थी की कहानी

Sankashti Chaturthi 2026 Vrat katha in Hindi (Aaj ki sankashti ki katha, kahani): 5 फरवरी 2026 को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को भगवान गणेश को अत्यंत प्रिय माना गया है। संकट हरने और उनकी कृपा पाने के लिए के भक्त गणपति का यह व्रत करते हैं। यहां पढ़ें द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा, द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत की कहानी। जानें आज की संकष्टी चतुर्थी की कथा क्या है।

Sankashti Chaturthi 2026 Vrat katha in Hindi (Aaj ki sankashti ki katha, kahani): पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस तरह 5 फरवरी 2026 को गुरुवार के दिन द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। यह चतुर्थी तिथि 5 फरवरी की रात 12:09 बजे से शुरू हो चुकी है। इस व्रत की तिथि का समापन 6 फरवरी 2026 की रात 12:22 बजे होगा। आज का दिन भगवान गणेश की उपासना और संकष्टी चतुर्थी व्रत के लिए खास महत्व रखता है। आगे पढ़ें आज की संकष्टी चतुर्थी की कथा। जानें द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी की कहानी क्या है।

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आज की द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा हिंदी में (Pic: Pinterest)

आज की संकष्टी चतुर्थी की कथा | द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा हिंदी में

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी से जुड़ी प्रचलित कथा के अनुसार एक बार माता पार्वती ने अपने पुत्र भगवान गणेश से फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के महत्व के बारे में जानना चाहा। तब गणेश जी ने कहा—हे माता, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। यह व्रत श्रद्धा और सेवा भाव का प्रतीक है। इसके पीछे एक प्रेरणादायक कथा प्रचलित है, जिसे मैं आपको सुनाता हूँ।

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