धनतेरस पर क्यों किया जाता है यम दीपम? दक्षिण दिशा की ओर ही क्यों रखा जाता है यम का दीया?

हिंदू मान्यताओं में भगवान यम को मृत्यु और धर्म का देवता माना गया है। यम दीपम के दौरान उनके नाम का दीपक जलाकर परिवार की सुरक्षा और अपनों की लंबी उम्र की प्रार्थना की जाती है।

धनतेरस पर सोना-चांदी या बर्तन खरीदने और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। इस खास दिन यम दीपम या यम दीप दान भी किया जाता है। इस रस्म में भगवान यम के नाम का दीपक जलाया जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के लोगों को अकाल मृत्यु से सुरक्षा मिलती है और अच्छी सेहत व लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है।

Dhanteras Yam Deepam

धनतेरस पर सिर्फ धन-संपत्ति ही नहीं, लंबी उम्र की भी होती है कामना; क्या है यम दीपम की परंपरा?

क्या है यम दीपम की परंपरा?

हिंदू मान्यताओं में भगवान यम को मृत्यु और धर्म का देवता माना गया है। यम दीपम के दौरान उनके नाम का दीपक जलाकर परिवार की सुरक्षा और अपनों की लंबी उम्र की प्रार्थना की जाती है। इस परंपरा का मुख्य भाव अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और जीवन के प्रति आभार जताना है। धनतेरस पर जहां मां लक्ष्मी की पूजा के जरिए धन और समृद्धि की कामना की जाती है, वहीं यम दीपम जीवन के महत्व की याद दिलाता है। य

End of Feed