Dhanteras 2022: भगवान कुबेर के इन 5 मंत्रों का करें जप, धनतेरस पर बरसेगा धन, हो जाएंगे धनवान

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  • Updated Oct 22, 2022, 05:16 PM IST

Dhanteras 2022, Dhanteras Kuber Puja Mantra In Hindi: लक्ष्मी माता को धन की देवी और कुबेर महाराज को धन का रक्षक कहा जाता है। मान्यता है कि जहां भगवान कुबेर वास करते हैं, वहीं मां लक्ष्मी विराजमान होती हैं। ऐसे में यदि आप नौकरी या व्यापार के क्षेत्र में लगातार घाटे का सामना कर रहे हैं, तो धनतेरस के अवसर पर कुछ खास उपाय करें। साथ ही भगवान कुबेर के मंत्रों का जप करना ना भूलें, बिना जप के पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती।

KEY HIGHLIGHTS
  • धनतेरस पर मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरी और कुबेर महाराज की पूजा का है विधान।
  • बिना कुबेर के मां लक्ष्मी नहीं करती वास।
  • भगवान कुबेर के इन मंत्रों का करें जाप, धन्य धान से भर जाएगा घर।

Dhanteras 2022, Dhanteras Kuber Puja Mantra In Hindi: धनतेरस को धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। इस दिन से दिवाली के पर्वों की माला की शुरुआत हो जाती है। त्रयोदशी तिथि का संबंध धन से होता है इसलिए इसे धनतेरस कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन अमृत कलश लेकर भगवान धन्वंतरी ने सभी देवी देवताओं को (Dhanteras Kuber Mantra) दर्शन दिया था। भगवान धन्वंतरी को आरोग्य का देवता कहा जाता है। धनतेरस के दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरी के साथ कुबेर महाराज की पूजा का विधान है। कुबेर महाराज की पूजा के बगैर धनतेरस की पूजा को संपूर्ण नहीं मानी जाती। भगवान कुबेर को धन का अधिपति कहा जाता है।

KUBER PUJA MANTRA

भगवान कुबेर के इन मंत्रों का करें जप, धन्य धान से भर जाएगा घर

एक तरफ जहां मां लक्ष्मी धन और संपत्ति की देवी हैं, वहीं कुबेर महाराज को उनके खजाने का रक्षक कहा जाता है। भगवान कुबेर को देवताओं का यक्ष भी कहा जाता है, जो सभी देवी देवताओं का लेखाजोखा रखते हैं। भगवान कुबेर को दृगपाल यानी उत्तर दिशा और लोकपाल यानी संसार का रक्षक भी कहा गया है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, बिना भगवान कुबेर के मां लक्ष्मी वास नहीं करती। यदि आपके घर भगवान कुबेर का वास नहीं होगा, तो कितना भी पैसा क्यूं ना कमा लें, लेकिन वो टिकेगा नहीं। ऐसे में धनतेरस (Dhanteras Kuber Puja Time)के दिन भगवान कुबेर की पूजा करना ना भूलें। कुबेर की पूजा बिनां मंत्रों का जप किए पूर्ण नहीं मानी जाती। ऐसे में कथा व आरती का पाठ करने के बाद, भगवान कुबेर के इन पांच मंत्रों का जप करना ना भूलें।

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