Dev Uthani Ekadashi 2025: देवउठनी एकादशी पर देव कैसे बनाएं, देव कैसे उठाते हैं, जानें क्या है पारंपरिक विधि

Dev Uthani Ekadashi Par Dev Kaise Banaye (देव उठानी एकादशी पर देव कैसे बनाएं) 2025: आज देवउठनी एकादशी का शुभ दिन है और देवउठनी एकादशी पर देव कैसे बनाएं? देवउठनी एकादशी पर देव कैसे उठाते हैं? यहां से आपको देव बनाने और देव जगाने की पूरी जानकारी विस्तार में मिलेगी।

Dev Uthani Ekadashi Par Dev Kaise Banaye (देवउठनी एकादशी पर देव कैसे बनाएं, देवउठनी एकादशी पर देव कैसे उठाते हैं ) 2025: देवउठनी एकादशी का हिंदू धर्म में खास महत्व है। 1 नवंबर के दिन यानी आज देवउठनी एकादशी मनाई जा रही है। कहते हैं कि इसी दिन श्रीहरि 4 महीने के बाद जागते हैं। देवउठनी एकादशी के बाद से सभी शुभ काम किए जाते हैं। इस दिन देव बनाने और देव उठाने की परंपरा है। यहां से आप देव बनाने की पूरी विधि जान सकते हैं। साथ ही यहां से आपको पता चलेगा कि देवउठनी एकादशी पर देव कैसे उठाते हैं।

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देवउठनी एकादशी पर देव कैसे बनाएं, देवउठनी एकादशी पर देव कैसे उठाते हैं (pic credit: iStock)

देवउठनी एकादशी पर देव कैसे बनाएं (Dev Uthani Ekadashi Par Dev Kaise Banaye)-

  • सबसे पहले एक कटोरी में गेरू को घोल लें। फिर दीवार पर देवों का घर बनाएं।
  • देव का घर बनाने के लिए चारों तरफ लाइन लगा देंगे और बीच में दरवाजा खुला छोड़ना है।
  • फिर देवों के घर को डिजाइन से सजा लें।
  • इसके बाद घर के ऊपर मुख भी बनाना है साथ में दो हाथ भी बनाएंगे।
  • फिर देवों के घर के अंदर भगवान विष्णु की आकृति बनाई जाती है।
  • साथ में बैकुंठ के लिए सीढ़ी भी बना देंगे। इसके बाद तुलसी का पौधा बनाएंगे।
  • ऊपर की तरफ दो स्वास्तिक भी बना देंगे।
  • फिर देवों के घर से एक रास्ता देना है और उस रास्ते पर आगे जाकर चकरी की आकृति बनाएंगे। ध्यान रहे कि इस चकरी में सात गोले होने चाहिए।
  • फिर चकरी के चारों तरफ पांच देव बनाएंगे।
  • इसके बाद देवों के घर के नीचे घर में जितने भी सदस्य हैं उनके पैरों के निशान बनाने हैं। साथ में आगे आने वाली पीढ़ी के लिए भी पैर बनाने हैं।
  • फिर वहां दो गाय और दो बछड़े के खुर बनाएंगे।
  • इसके बाद घर में जितने दरवाजे हैं वहां पांच-पांच डॉट लगा देंगे। लेकिन ध्यान रहे कि बाथरूम के दरवाजे पर ये निशान नहीं लगाने हैं।
  • देव बनाने के बाद वहां गेंहू या बाजरा रखना है। साथ में जितने भी मौसमी फल और सब्जी है वो आप रख सकते हैं। जो भोग तैयार किया है वो भी आप वहां रख दें।
  • सभी सामग्री को एक परात से ढक दें और परात पर स्वास्तिक बना दें। फिर हाथ झोड़कर उठ जाएं। ध्यान दें कि ये काम आपको दिन में ही कर लेना है।

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