Chhath Puja Significance And History: छठ पर्व क्यों मनाया जाता है, कैसे हुई इसकी शुरुआत, जानिए इसका इतिहास

Chhath Puja Significance And History: छठ पूजा एक पर्व नहीं बल्कि महापर्व है जो उत्तर प्रदेश और बिहार के पूर्वांचल क्षेत्र में बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है। कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाये जाने वाले इस हिंदू पर्व में भगवान सूर्य और छठी मैया की विधि-पूर्वक पूजा होती है। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि छठ पर्व की शुरुआत हुई कैसे।

Chhath Puja Significance And History (बिहार में छठ पूजा क्यों मनाया जाता है): छठ पूजा का पर्व प्राचीन काल से ही मनाया जाता आ रहा है। मान्यताओं अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति को हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है और घर-परिवार में खुशहाली बनी रहती है। लेकिन मुख्य रूप से छठ व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन की कामना से रखती हैं। वहीं ये व्रत संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए भी खास माना जाता है। इस पर्व में सूर्य देव और छठी मैया की अराधना की जाती है। यह एक मात्र ऐसा व्रत है जिसमें चढ़ते सूरज की जगह डूबते सूरज की पूजा होती है। ये पर्व मुख्य रूप से बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड में मनाया जाता है।

छठ पूजा 2024 की तिथियां (Chhath Puja 2024 Dates)

• छठ पूजा का पहला दिन, 5 नवंबर 2024- नहाय खाय

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