Chandra Grahan 2023 Upay: इस साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अक्टूबर को मध्यरात्रि में लगेगा। शरद पूर्णिमा के दिन ग्रहण लगने से इसका महत्व और बढ़ गया है। शरद पूर्णिमा का चांद अपनी 16 कलाओं से पूर्णि होता है। भारतीय समय के अनुसार इस बार का चंद्र ग्रहण रात के 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू होगा और इसका समापन मध्यरात्रि में 2 बजकर 24 मिनट पर होगा। धार्मिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण को अशुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि पूर्णिमा की रात को राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं, जिसके बाद चंद्र ग्रहण लगता है। ऐसा कहा जाता है कि चंद्र ग्रहण के दौरान सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां तीव्र हो जाती हैं। चंद्र ग्रहण के दिन सूतक काल के दौरान आपको चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए कुछ उपाय करने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय।
Chandr Grahan Upay
Chandra Grahan 2023 Upay ( चंद्र ग्रहण उपाय)
- चंद्र ग्रहण के दौरान आप महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं। चंद्र ग्रहण के दौरान आप तुलसी के पत्ते भी मुंह में रख सकते हैं।
- चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए चंद्र ग्रहण के दौरान गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान बृहस्पति ग्रह के बीज मंत्र "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवे नम:" का जाप करना फलदायी माना जाता है।
- शास्त्र के अनुसार ग्रहण से पहले और ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए। इसके अलावा सूर्य ग्रहण के बाद पूरे घर को गंगा जल से शुद्ध किया जाता है। ग्रहण के बाद दान-पुण्य भी करना चाहिए।
- चंद्र ग्रहण के दौरान ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्ववां कीलय बुद्धि विनाशय ह्लीं ओम् स्वाहा।। इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
- चंद्र ग्रहण के दौरान आप खाने और पीने की चीजों में कुशा या तुलसी के पत्ते जरूर डाल दें।
