Chandra Dev Ki Aarti Lyrics In Hindi, Om Jai Chandra Dev Aarti: पूर्णिमा पर चंद्र देव की पूजा पुण्यदाई मानी गई है। दरअसल चंद्र देव को मस्तिष्क का कारक माना गया है। इसलिए चंद्र देव का शुभ दिशा-दशा में होना बेहद जरूरी है। वरना आपको मानसिक तनाव या बीमारी से जूझना पड़ सकता है। हालांकि उनके दोषों से मुक्ति पाने के लिए आप पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की आराधना कर सकते हैं। वैसे तो भगवान की पूजा के लिए उनके मंत्र, स्तोत्र, चालीसा पाठ और आरती का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन आप सच्चे मन से सिर्फ आरती भी गा लेते हैं तो चंद्र देव को प्रसन्न होते हैं। इसके लिए आज हम यहां चंद्र देव की आरती के लिरिक्स बताने जा रहे हैं, जिसे गाकर आप भगवान की कृपा बड़े आसानी से पा सकते हैं। यहां पढ़ें Chandra Dev की आरती।
Chandra Dev Aarti Lyrics In Hindi, Om Jai Chandra Dev Aarti
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।
दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी।
रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी।
दीन दयाल दयानिधि, भव बंधन हारी।
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि।
योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, संत करें सेवा।
वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी।
प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी।
शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी।
धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे।
विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी।
सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें।
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।
पूर्णिमा की रात चंद्र देव को अर्घ्य देकर इस आरती को जरूर गाएं। इससे भगवान के साथ आपका जुड़ाव महसूस होगा। साथ ही भगवान प्रसन्न होकर आपके सारे मानसिक विकारों को दूर कर देते हैं। इसके अलावा चंद्र देव सदैव आप पर अपनी दया दृष्टि बनाए रखेंगे।
