Aaj Chandra Darshan Kitne Baje Honge: आज 12 अक्टूबर 2026, सोमवार को आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इसके साथ ही शारदीय नवरात्रि का आज दूसरा दिन है और मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जा रही है। हिंदू धर्म में शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में अगर आप आज शाम चंद्रमा के दर्शन करना चाहते हैं, तो अपने शहर में सूर्यास्त और चंद्रास्त का समय जरूर नोट कर लें।
आज चांद कब निकलेगा
आज द्वितीया तिथि रात 10 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। स्वाति नक्षत्र रात 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। चंद्र दर्शन के लिए पूरे भारत में एक ही समय निर्धारित नहीं है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और दूसरे शहरों में चंद्रमा के दिखने और अस्त होने का समय अलग-अलग रहेगा।
आज चंद्र दर्शन का समय क्या है
12 अक्टूबर को चंद्र दर्शन के लिए अपने शहर में सूर्यास्त के बाद से चंद्रास्त तक का समय ध्यान में रखें। आज चंद्रमा का चंद्रोदय सुबह हो रहा है, लेकिन दिन के उजाले में चंद्रमा को स्पष्ट देख पाना मुश्किल होता है। शाम को सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आसमान की तरफ नजर रखने पर चंद्रमा दिखाई देने की संभावना रहती है।
शुक्ल पक्ष की द्वितीया का चंद्रमा अभी पतला होता है। ऐसे में क्षितिज के पास हल्का बादल, धुंध, प्रदूषण या ऊंची इमारतें होने पर दर्शन मुश्किल हो सकते हैं।
भारत के प्रमुख शहरों में 12 अक्टूबर को चांद दिखने का समय
शहर
चंद्र दर्शन कैसे करें
चंद्र दर्शन के लिए शाम को सूर्यास्त के बाद खुले स्थान पर जाएं, जहां पश्चिमी क्षितिज साफ दिखाई देता हो। आसमान में चांद ढूंढने के लिए ऊंची इमारतों, पेड़ों और दूसरी रुकावटों से दूर रहना बेहतर है। चंद्रमा दिखाई देने पर श्रद्धा से उसका दर्शन करें और अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार प्रार्थना कर सकते हैं।
आज द्वितीया का चंद्रमा काफी पतला दिखाई दे सकता है। बादल या धुंध होने पर चंद्रमा नजर आने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ देर तक पश्चिमी क्षितिज पर नजर रखें और स्थानीय मौसम की स्थिति का ध्यान रखें।
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
आज शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को तप, संयम, धैर्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है। भक्त पूजा के दौरान मां को फूल, फल, मिठाई और अपनी परंपरा के अनुसार भोग अर्पित करते हैं। नवरात्रि में देवी पूजा के साथ चंद्र दर्शन का अवसर होने के कारण आज का दिन धार्मिक दृष्टि से विशेष है। भक्त मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के बाद शाम को अपने शहर के समय के अनुसार चंद्र दर्शन कर सकते हैं।
