Chaitra Purnima Vrat Katha: चैत्र पूर्णिमा पर इस पावन कथा का करें पाठ, नोट करें चैत्र पूर्णिमा व्रत कथा

Chaitra Purnima Vrat Katha: 1 अप्रैल यानी आज चैत्र पूर्णिमा का पावन व्रत किया जाएगा। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत करने पर विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। चैत्र पूर्णिमा व्रत की कथा का पाठ करने का भी विशेष महत्व है। आगे पढ़ें चैत्र पूर्णिमा व्रत की कथा।

Chaitra Purnima Vrat Katha: इस वर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा दो दिनों तक रहने वाली है। ऐसी स्थिति में परंपरा के अनुसार व्रत पहले दिन रखा जाता है। पूर्णिमा तिथि गुरूवार सुबह 10:04 बजे तक ही प्रभावी रहेगी, जबकि पूर्ण चंद्रमा 1 अप्रैल की रात को दिखाई देगा। इसलिए 1 अप्रैल 2026 के दिन ही चैत्र पूर्णिमा का व्रत किया जाएगा। इसके अलावा 2 अप्रैल को उदया तिथि में स्नान और दान करना शुभ रहेगा। यदि आप भी इस पावन व्रत का पालन कर रहे हैं, तो आपको चैत्र पूर्णिमा के व्रत की कथा जरूर पढ़नी चाहिए। इससे आपका व्रत पूर्ण माना जाएगा और शुभ फल की प्राप्ति होगी। आगे पढ़ें चैत्र पूर्णिमा व्रत की कथा।

chaitra purnima vrat katha

चैत्र पूर्णिमा व्रत कथा

चैत्र पूर्णिमा व्रत कथा - Chaitra Purnima Vrat Katha

हिंदू धर्म में चैत्र पूर्णिमा का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु और चंद्रदेव की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत रखने और कथा सुनने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

End of Feed