विवाद और भारी नुकसान का सामना कर सकते हैं इन 6 राशियों के लोग, 'सेनापति-राजकुमार' ने बनाया अर्धकेंद्र योग

Budh Mangal Ardhakendra Yog 2026: बुध और मंगल एक दूसरे से 45 डिग्री पर आ गए हैं। इससे दोनों ग्रहों के बीच अर्धकेंद्र योग का निर्माण हो गया है। यह योग कुछ राशि वालों को नुकसान दे सकता है।

Budh Mangal Ardhakendra Yog 2026: ग्रहों की चाल में आया छोटा सा बदलाव भी ज्योतिष में महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर तब जब दो तेज ग्रह एक-दूसरे के साथ तनावपूर्ण कोण बना रहे हों। 21 अगस्त 2026 की सुबह 10 बजकर 33 मिनट पर ग्रहों के राजकुमार बुध और ग्रहों के सेनापति मंगल एक-दूसरे से 45 डिग्री के कोण पर आ गए हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से 45 डिग्री का यह संबंध अर्धकेंद्र योग की स्थिति बनाता है। इसे शुभ योग की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। मौजूदा ग्रह स्थिति को देखें तो मंगल 2 अगस्त को मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 18 सितंबर तक इसी राशि में रहने वाले हैं। वहीं, बुध फिलहाल कर्क राशि में हैं और 22 अगस्त की शाम सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

Budh Mangal Ardhakendra Yog 2026 किन राशि वालों के लिए बुध-मंगल का अर्धकेंद्र योग शुभ नहीं रहेगा

किन राशि वालों के लिए बुध-मंगल का अर्धकेंद्र योग शुभ नहीं रहेगा

बुध बुद्धि, वाणी, तर्क, गणना, व्यापार और संचार के कारक हैं, जबकि मंगल ऊर्जा, क्रोध, साहस, भूमि, तकनीकी क्षमता और आक्रामकता का प्रतिनिधित्व करते हैं। दोनों ग्रहों के बीच तनावपूर्ण कोण बनने पर बुद्धि और आवेग के बीच टकराव जैसी स्थिति बन सकती है। व्यक्ति सही बात जानने के बावजूद जल्दबाजी में फैसला कर सकता है। बातचीत में तीखापन, गलतफहमी, विवाद और जल्दबाजी में आर्थिक निर्णय जैसी स्थितियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन राशि वालों को इस दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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