किसी के लिए अच्छी नौकरी, मोटी सैलरी और प्रतिष्ठित संस्थान में काम करने का मौका जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हो सकता है। खासकर तब, जब इसके पीछे सालों की पढ़ाई और मेहनत लगी हो। लेकिन क्या हो, जब कोई इंसान इन सबको पीछे छोड़कर पहाड़ों में रहने का फैसला कर ले? न करियर की चिंता, न बैंक बैलेंस बढ़ाने की फिक्र और न ही किसी बड़े पद तक पहुंचने की चाह। बस गेरुआ वस्त्र, पहाड़ों का सुकून और आध्यात्म की राह।
BARC का ये इंजीनियर क्यों बना संन्यासी, क्या बात ले गई पहाड़ों पर (Image : Instagram/nomadic_mohit)
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही संन्यासी का वीडियो चर्चा में है। उनकी कहानी इसलिए भी लोगों को हैरान कर रही है, क्योंकि संन्यास लेने से पहले वह कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके थे। मुंबई के प्रतिष्ठित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में ट्रेनिंग भी ली थी। एमटेक किया और फिर एक दिन सबकुछ छोड़कर साधुओं के बीच रहने चले गए। आज वह गंगोत्री की पहाड़ियों में संन्यासी जीवन बिता रहे हैं।
उनकी कहानी सिर्फ एक नौकरी छोड़ने की कहानी नहीं है। यह जिंदगी को देखने के दो बिल्कुल अलग नजरियों के बीच का अंतर भी दिखाती है।
2002 में किया कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक
सोशल मीडिया पर वायरल हुए इन संन्यासी से ट्रैवल और डॉक्यूमेंट्री कंटेंट क्रिएटर मोहित पवार ने बात की है। जब उनसे पूछा जाता है कि साल 2002 में वह क्या कर रहे थे, तो वह बताते हैं कि उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक किया था। इसके बाद उनका जुड़ाव मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर यानी BARC से हुआ। यहां उन्होंने करीब छह महीने की ट्रेनिंग ली। वह बातचीत में यह भी बताते हैं कि उन्होंने वहां काम किया और करीब एक साल तक संस्थान से जुड़े रहे।
इसके बाद उन्होंने एमटेक की पढ़ाई पूरी की। आमतौर पर इस मुकाम पर लोग बेहतर नौकरी, अच्छी सैलरी और करियर में आगे बढ़ने के सपने देखते हैं। लेकिन इनकी मंजिल कुछ और ही थी।
जब पुराने बॉस ने पूछा- क्या तुम पागल हो गए हो
इस संन्यासी की कहानी में एक दिलचस्प किस्सा उनके पुराने कार्यस्थल से भी जुड़ा है। वीडियो में वह बताते हैं कि जब उन्होंने अपना पुराना जीवन छोड़कर संन्यासियों के साथ रहने का फैसला किया, तो उनके पूर्व बॉस ने उनसे संपर्क किया। उनसे पूछा गया कि आखिर वह कहां हैं?
इस पर उन्होंने बताया कि वह अब संन्यासियों के साथ रहने आ गए हैं और संन्यास का जीवन अपना रहे हैं। उनके इस जवाब पर बॉस की प्रतिक्रिया थी- 'क्या तुम पागल हो गए हो?'
यह प्रतिक्रिया हैरान करने वाली नहीं है। जिस दुनिया में सफलता का पैमाना अच्छी नौकरी, बड़ा घर, पैसा और सामाजिक पहचान बन चुका है, वहां कोई इन सबको छोड़ने की बात करे तो सवाल उठना स्वाभाविक है। लेकिन इस संन्यासी के चेहरे पर इस फैसले को लेकर कोई पछतावा नजर नहीं आता। वह बस मुस्कुराते हुए अपने पुराने दिनों का जिक्र करते हैं।
आखिर क्यों छोड़ दिया इंजीनियरिंग का करियर
इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा वह है, जब उनसे पूछा जाता है कि आखिर उन्होंने इतना अच्छा करियर छोड़कर संन्यास क्यों चुना? वीडियो में वह किसी बड़ी घटना, पारिवारिक परेशानी या नौकरी से असंतुष्टि का जिक्र नहीं करते। वह जीवन को लेकर अपनी सोच साझा करते हैं। उनकी बातों का सार है कि जन्म और मृत्यु के बीच मिलने वाला समय ही असली जिंदगी है। जन्म और मृत्यु तो एक दिन होनी ही है, लेकिन इन दोनों के बीच जो थोड़ा-सा वक्त हमें मिलता है, वह बेहद कीमती है।
वह इस समय को बहुत महत्वपूर्ण बताते हैं। उनके मुताबिक, जिंदगी का यह छोटा-सा हिस्सा ही वास्तव में हमारे पास है। उनकी बातों में एक तरह की सहजता है। वह किसी को नौकरी छोड़ने या सबकुछ त्याग देने की सलाह नहीं देते। न ही अपनी पुरानी जिंदगी को गलत बताते हैं। बस वह अपने फैसले और जिंदगी के प्रति अपने नजरिए को सामने रखते हैं।
शायद यही बात लोगों को उनकी ओर आकर्षित कर रही है।
गंगोत्री की पहाड़ियों में कैसी है उनकी दुनिया
गंगोत्री का नाम आते ही मन में ऊंचे पहाड़, बर्फ से ढकी चोटियां, भागीरथी का शोर और मंदिरों की घंटियां गूंजने लगती हैं। उत्तराखंड का यह क्षेत्र लंबे समय से साधना और आध्यात्म की तलाश में आने वाले लोगों को आकर्षित करता रहा है।
यहां की जिंदगी मैदानी शहरों से बिल्कुल अलग है। सुविधाएं सीमित हैं। मौसम कभी भी करवट ले सकता है। सर्दियों में तापमान काफी नीचे चला जाता है। कई जगहों पर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे माहौल में रहना किसी के लिए आसान नहीं होता। खासकर उस व्यक्ति के लिए जिसने कभी तकनीकी संस्थान में काम किया हो और आधुनिक शहरी जीवन का हिस्सा रहा हो।
हालांकि, वायरल वीडियो में उनके रोजमर्रा के जीवन, साधना की दिनचर्या या संन्यास की दीक्षा से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं मिलती। फिर भी उनका यह बदलाव अपने आप में लोगों की जिज्ञासा बढ़ाने के लिए काफी है।
सोशल मीडिया पर लोग बोले- जिंदगी तो ऐसी होनी चाहिए!
इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं भी दिलचस्प हैं। कुछ लोग उनके फैसले को साहसिक बता रहे हैं, तो कुछ मजाकिया अंदाज में खुद को भी भविष्य में ऐसी जिंदगी जीते हुए देख रहे हैं।
किसी ने लिखा कि आजकल एआई ऑफिसों में है और इंसान पहाड़ों में पहुंच रहे हैं। कुछ यूजर्स ने उनके बोलने के अंदाज और सहज व्यवहार की तारीफ की। वहीं कुछ लोगों ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई और संन्यास के बीच के इस सफर को असाधारण बताया।
