BARC में ट्रेनिंग से गंगोत्री में संन्यासी जीवन तक... इंजीनियर ने क्यों चुनी आध्यात्म की राह, क्या है जिंदगी को लेकर उनका नजरिया

BARC में ट्रेनिंग और एमटेक की पढ़ाई के बाद एक इंजीनियर ने करियर छोड़कर संन्यास क्यों चुना? जानिए गंगोत्री में रह रहे इस संन्यासी की कहानी और जिंदगी को लेकर उनका नजरिया।

किसी के लिए अच्छी नौकरी, मोटी सैलरी और प्रतिष्ठित संस्थान में काम करने का मौका जिंदगी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हो सकता है। खासकर तब, जब इसके पीछे सालों की पढ़ाई और मेहनत लगी हो। लेकिन क्या हो, जब कोई इंसान इन सबको पीछे छोड़कर पहाड़ों में रहने का फैसला कर ले? न करियर की चिंता, न बैंक बैलेंस बढ़ाने की फिक्र और न ही किसी बड़े पद तक पहुंचने की चाह। बस गेरुआ वस्त्र, पहाड़ों का सुकून और आध्यात्म की राह।

barc engineer to sanyasi

BARC का ये इंजीनियर क्यों बना संन्यासी, क्या बात ले गई पहाड़ों पर (Image : Instagram/nomadic_mohit)

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसे ही संन्यासी का वीडियो चर्चा में है। उनकी कहानी इसलिए भी लोगों को हैरान कर रही है, क्योंकि संन्यास लेने से पहले वह कंप्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके थे। मुंबई के प्रतिष्ठित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) में ट्रेनिंग भी ली थी। एमटेक किया और फिर एक दिन सबकुछ छोड़कर साधुओं के बीच रहने चले गए। आज वह गंगोत्री की पहाड़ियों में संन्यासी जीवन बिता रहे हैं।

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