बेहद शक्तिशाली हिमाचल का यह मंदिर, जहां दर्शन करने पहुंचे 'धुरंधर' वाले आदित्य, बडे़-बड़े सेलिब्रिटी भी झुकाते हैं यहां माथा

बॉलीवुड के डायरेक्टर आदित्य धर इन दिनों अपनी धमाकेदार फिल्म 'धुरंधर' की सक्सेस के बाद अपनी पत्नी यामी गौतम के साथ कांगड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में पहुंचे। जहां उन्होंने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। कांगड़ा जिले में स्थित यह मंदिर दस महाविद्याओं में से एक माता बगलामुखी का शक्तिपीठ है। इस मंदिर में अक्सर नेता, राजनेता और अन्य सेलिब्रिटीज माथा टेकने आते हैं। मां बगलामुखी शत्रु विनाश और जीत दिलाने वाली देवी हैं। माता के दर्शन मात्र से बड़े-बड़े संकटों से मुक्ति मिल जाती है।

डायरेक्टर आदित्य धर इन दिनों अपनी फिल्म 'धुरंधर' की सफलता का लुत्फ उठा रहे हैं। इस बीच उन्होंने अपनी पत्नी, अभिनेत्री यामी गौतम के साथ हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर का दर्शन किया और माता का आशीर्वाद लिया। इसके पहले उन्होंने नैना देवी और ज्वाला देवी मां के भी दर्शन किए थे। यह मंदिर देवी बगलामुखी को समर्पित है, जो दस महाविद्याओं में से एक हैं। बगलामुखी माता की पूजा से शत्रु नाश, विवादों में जीत और वाणी में प्रभाव मिलता है। आइए जानते हैं बगलामुखी माता कौन हैं, उनकी पूजा से क्या लाभ होते हैं और हिमाचल में इनके मंदिर की क्या खास मान्यताएं हैं।

बगलामुखी माता मंदिर हिमाचल

बगलामुखी माता मंदिर हिमाचल

बगलामुखी माता कौन हैं?

बगलामुखी दस महाविद्याओं में से आठवीं देवी हैं। उनका नाम ‘बगला’ से आया है, जिसका अर्थ स्तंभन (रुक जाना) है। माता शत्रुओं को स्तंभित करती हैं, यानी उनकी ताकत को रोक देती हैं। वे पीले रंग की हैं और उनकी मूर्ति में वे शत्रु की जीभ पकड़कर दबाती हुई दिखती हैं। पीले स्वरूप के कारण मां को पीताम्बरा माई के नाम से जाना जाता है। मां बगलामुखी माता दुर्गा का ही एक रूप मानी जाती हैं, जो शत्रु, विरोधी, कानूनी मामले, जादू-टोना और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती हैं।

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