Ayodhya Ram Mandir : रामजन्मभूमि परिसर में एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है, जब परकोटे के ईशान कोण पर बने शिव मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वजा का आरोहण किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि रामनगरी अयोध्या के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वैभव का भी प्रतीक है। इस कार्यक्रम को खास बनाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जो स्वयं गोरक्षपीठाधीश्वर भी हैं और शिव परंपरा से गहराई से जुड़े हुए हैं।
अयोध्या राम मंदिर
पहले हनुमान जी का आशीर्वाद लेंगे सीएम योगी
राम मंदिर परिसर में यह आयोजन आज 29 अप्रैल बुधवार की शाम लगभग 5 बजे संपन्न होगा। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया है, जिसके तहत वे शाम 4:15 बजे रामकथा पार्क के हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से वे सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचकर बजरंगबली का आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद वे राम मंदिर में जाकर रामलला का दर्शन-पूजन और आरती करेंगे। इसके बाद निर्धारित समय पर शिव मंदिर पहुंचकर ध्वजारोहण की प्रक्रिया को पूर्ण करेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। करीब डेढ़ घंटे के इस कार्यक्रम के बाद वे शाम 5:50 बजे लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
शिव मंदिर पर ध्वजारोहण का विशेष महत्व
रामजन्मभूमि परिसर के परकोटे में बने मंदिरों में यह शिव मंदिर पांचवां पूरक मंदिर है, जहां ध्वजारोहण किया जा रहा है। इससे पहले भी परिसर के अन्य मंदिरों के शिखरों पर धर्म ध्वजा फहराई जा चुकी है, जो मंदिर निर्माण की प्रगति और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती है। शिव मंदिर का चयन विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भगवान शिव को रामभक्त और रामकथा के प्रमुख साक्षी के रूप में माना जाता है।
1200 अतिथियों की विशेष व्यवस्था
इस भव्य कार्यक्रम में भाजपा, आरएसएस, विहिप और अन्य संगठनों के करीब 1200 विशिष्ट लोगों को आमंत्रित किया गया है। उनके बैठने के लिए परकोटे के बाहर यज्ञशाला के समीप विशेष व्यवस्था की गई है। यहां लगभग 1200 कुर्सियां छह अलग-अलग ब्लॉकों में लगाई गई हैं, जिन पर क्रमांक के अनुसार अतिथियों को बैठाया जाएगा। इससे आयोजन में अनुशासन और सुव्यवस्था बनी रहेगी।
किया जा चुका है तकनीकी परीक्षण
करीब 75 फीट ऊंचे शिव मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसके लिए पहले से ही तकनीकी परीक्षण किया जा चुका है। ध्वजारोहण के दौरान रस्सी और पुली प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, ताकि ध्वज को सुरक्षित और सुचारु तरीके से ऊपर चढ़ाया जा सके। इस पूरे आयोजन में ट्रस्ट के सदस्य, इंजीनियर और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि किसी प्रकार की बाधा न आए।
रामनगरी में बढ़ रही है धार्मिक भव्यता
रामजन्मभूमि परिसर में लगातार हो रहे ऐसे आयोजनों से अयोध्या की धार्मिक भव्यता और आकर्षण बढ़ता जा रहा है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थल आस्था का केंद्र बनने के साथ-साथ एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी उभर रहा है। शिव मंदिर पर ध्वजारोहण का यह कार्यक्रम भी इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आने वाले समय में अयोध्या की पहचान को और मजबूत करेगा।
