April mein sankranti kaun si tarikh ki hai (Sankranti in April 2026 Date): हिंदू धर्म में सूर्य को जगत का आत्मा कहा गया है। सूर्य के प्रत्येक राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। हर मास में एक संक्रांति आती है। अप्रैल 2026 में मेष संक्रांति आएगी। यानी सूर्य देव इस दिन मेष राशि में प्रवेश करेंगे। बता दें कि मेष संक्रांति सबसे खास मानी जाती है क्योंकि यह सौर चक्र का आरंभ बिंदु है। इसी दिन से कई भारतीय राज्यों में नववर्ष भी मनाया जाता है। पंजाब में बैसाखी, तमिलनाडु में पुथांडु, केरल में विषु और असम में बिहू जैसे पर्व इसी समय के आसपास मनाए जाते हैं। आगे जानें कि अप्रैल में संक्रांति कब है, अप्रैल 2026 संक्रांति डेट क्या है।
अप्रैल 2026 संक्रांति डेट एंड टाइम
अप्रैल में संक्रांति कब है 2026
हर साल अप्रैल महीने में आने वाली मेष संक्रांति हिंदू पंचांग की बेहद महत्वपूर्ण संक्रांतियों में मानी जाती है। यह दिन केवल राशि परिवर्तन का ही संकेत नहीं देता, बल्कि भारतीय सौर नववर्ष की शुरुआत का भी प्रतीक होता है। साल 2026 में मेष संक्रांति 14 अप्रैल को मनाई जाएगी, जब सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष और धर्म दोनों दृष्टि से यह दिन विशेष पुण्य फल देने वाला माना गया है।
अप्रैल 2026 संक्रांति डेट एंड टाइम
दृक पंचांग के अनुसार मेष संक्रांति 2026 के प्रमुख समय इस प्रकार रहेंगे -
- मेष संक्रांति 2026 तिथि: 14 अप्रैल
- सूर्य का मेष राशि में प्रवेश: 14 अप्रैल को
- मेष संक्रांति का पुण्यकाल: सुबह 06:29 बजे से दोपहर 01:50 बजे तक
- मेष संक्रांति 2026 महा पुण्यकाल: सुबह 07:33 बजे से 11:45 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुण्यकाल के दौरान स्नान, दान और पूजा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। वहीं महा पुण्यकाल सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है।
मेष संक्रांति पर क्या करना चाहिए
मेष संक्रांति के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर पवित्र नदी, तालाब या घर पर ही गंगाजल मिलाकर स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद सूर्य देव को जल अर्पित कर आदित्य मंत्र या गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। दान-पुण्य का भी इस दिन विशेष महत्व है। जरूरतमंद लोगों को गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र, तांबा, फल या शीतल पेय पदार्थों का दान करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। कई लोग इस दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण भी करते हैं।
मेष संक्रांति का महत्व क्या है
मेष संक्रांति केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ऋतु परिवर्तन और प्रकृति के नवजीवन का भी उत्सव है। गर्मी के आगमन के साथ यह दिन सकारात्मक ऊर्जा, परिश्रम और नए अवसरों की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। इस तरह 14 अप्रैल 2026 को आने वाली मेष संक्रांति आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और जीवन में नई शुरुआत का शुभ अवसर लेकर आएगी। श्रद्धा और नियम के साथ किए गए कर्म इस दिन विशेष फल प्रदान करने वाले माने गए हैं।
