अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली...नवरात्रि के आठवें दिन जरूर करें मां दुर्गा की ये आरती
नवरात्रि में मां दुर्गा की दो आरतियां जरूर करनी चाहिए। पहली आरती है- जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ नवरात्रि की दूसरी आरती है- अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती।
मां दुर्गा की उपासना का सबसे बड़ा पर्व चैत्र नवरात्रि चल रहा है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि विधान पूजा की जाती है। इस साल चैत्र नवरात्रि का समापन 6 अप्रैल को होगा। नवरात्रि का त्योहार हर सनातनी के लिए बेहद खास होता है। इस दौरान भक्त मां को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय करते हैं। लेकिन एक उपाय ऐसा है जिससे माता रानी का आशीर्वाद तुरंत ही प्राप्त होता है। ये उपाय है माता रानी की आरती। कहते हैं जो भी इन नौ दिनों में मां अंबे की आरती सच्चे मन से करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि की कभी कमी नहीं होती।
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Navratri Aarti- Ambe Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi (अम्बे तू है जगदम्बे काली आरती)
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी
तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी
सौ-सौ सिहों से भी बलशाली, हे दस भुजाओं वाली
दुखियों के दुखड़े निवारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
माँ-बेटे का है इस जग मे, बड़ा हीनिर्मल नाता, बड़ा हीनिर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता
माँ-बेटे का है इस जग मे बड़ा ही निर्मल नाता, बड़ा ही निर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता
सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली
दुखियों के दुखडे निवारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना, न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ तेरे चरणों में, छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना, न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ मन में, इक छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को सवांरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
मां दुर्गा की आरती (Maa Durga Ji Ki Aarti)
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
जय अम्बे गौरी...
माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोउ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी...
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥
जय अम्बे गौरी...
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥
जय अम्बे गौरी...
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥
जय अम्बे गौरी...
शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥
जय अम्बे गौरी...
चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दोउ मारे, सुर भयहीन करे॥
जय अम्बे गौरी…
ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी...
चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
जय अम्बे गौरी...
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
जय अम्बे गौरी....
भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
जय अम्बे गौरी...
कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी...
श्री अम्बेजी की आरती, जो कोई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
जय अम्बे गौरी...
नवरात्रि में माता रानी की आरती का समय (Mata Rani Ki Aarti Ka Time)
नवरात्रि में माता रानी की आरती दिन में दो बार करनी चाहिए। एक बार सुबह के समय तो दूसरी बार शाम के समय। सुबह की आरती का समय 5 बजे से 9 बजे तक है। शाम की आरती का समय 5 बजे से लेकर 9 बजे तक है।
राम नवमी की आरती (Ram Navami Ki Aarti)
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
Navratri Bhajan: नवरात्रि के भजन
- तेरे दरबार में मैया खुशी मिलती है
- प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
- मेरी अंखियों के सामने ही रहना
- अम्बे तू जमदम्बे काली
- आते हैं हर साल नवराते माता के
चलो बुलावा आया है (Chalo Bulawa Aaya Hai)
नवरात्रि के पूजा मंत्र
माता रानी के मंत्र इन संस्कृत (Navratri Mata Mantra In Sanskrit)
तृतीयं चन्द्रघंटेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।।
पंचमं स्क्न्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च ।
सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः ।।
श्री पार्वती माता की आरती (Mata Parvati Ki Aarti Lyrics)
ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता
सिंह को वाहन साजे,कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत,नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर,नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी,सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता
शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमांचल स्थाता।
सहस्र भुजा तनु धरि के,चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता
सृष्टि रूप तुही हैजननी शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लहीसारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता
देवन अरज करतहम चित को लाता।
गावत दे दे ताली,मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की,जो कोई गाता।
सदासुखी नित रहतासुख सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये - भजन (Tune Mujhe Bulaya Sherawaliye Bhajan)
तेरी जय जय कार ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये,
मेहरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
सारा जग है इक बंजारा,
सारा जग है इक बंजारा,
सब की मंजिल तेरा द्वारा ।
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,
ऊँचे परबत लम्बा रास्ता,
पर मैं रह ना पाया,
शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥
सूने मन में जल गयी बाती,
तेरे पथ में मिल गए साथी ।
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
मुंह खोलूं क्या तुझ से मांगू,
बिन मांगे सब पाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये ॥
कौन है राजा, कौन भिखारी,
एक बराबर तेरे सारे पुजारी ।
तुने सब को दर्शन देके,
तुने सब को दर्शन देके,
अपने गले लगाया, शेरा वालिये ॥
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये,
मैं आया मैं आया शेरा वालिये ।
प्रेम से बोलो, जय माता दी ॥
सारे बोलो, जय माता दी ॥
आते बोलो, जय माता दी ॥
जाते बोलो, जय माता दी ॥
कष्ट निवारे, जय माता दी ॥
पार निकले, जय माता दी ॥
देवी माँ भोली, जय माता दी ॥
भर दे झोली, जय माता दी ॥
वादे के दर्शन, जय माता दी ॥
जय माता दी, जय माता दी ॥
Navratri Aarti Lyrics (नवरात्रि आरती) LIVE: गणेश जी की आरती
एकदंत दयावंत चारभुजाधारी। माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥ जय गणेश जय गणेश...
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
अंघे को आंख देत, कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजै सेवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
Jay Ambe Gauri Aarti: अंबे माता की आरती
Aarti Ambe Tu Hai Jagdambe Kali With Lyrics By Anuradha Paudwal: अनुराधा पोडवाल मां दुर्गा की आरती
Navratri 2025 Maa Kali Ki Aarti: माता की आरती
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: मां चन्द्रघण्टा की आरती
जय माँ चन्द्रघण्टा सुख धाम।पूर्ण कीजो मेरे काम॥
चन्द्र समाज तू शीतल दाती।चन्द्र तेज किरणों में समाती॥
मन की मालक मन भाती हो।चन्द्रघण्टा तुम वर दाती हो॥
सुन्दर भाव को लाने वाली।हर संकट में बचाने वाली॥
हर बुधवार को तुझे ध्याये।श्रद्दा सहित तो विनय सुनाए॥
मूर्ति चन्द्र आकार बनाए।सन्मुख घी की ज्योत जलाएं॥
शीश झुका कहे मन की बाता।पूर्ण आस करो जगत दाता॥
कांचीपुर स्थान तुम्हारा।कर्नाटिका में मान तुम्हारा॥
नाम तेरा रटू महारानी।भक्त की रक्षा करो भवानी॥
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: मां ब्रह्मचारिणी की आरती
जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता।जय चतुरानन प्रिय सुख दाता॥
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।ज्ञान सभी को सिखलाती हो॥
ब्रह्म मन्त्र है जाप तुम्हारा।जिसको जपे सरल संसारा॥
जय गायत्री वेद की माता।जो जन जिस दिन तुम्हें ध्याता॥
कमी कोई रहने ना पाए।कोई भी दुख सहने न पाए॥
उसकी विरति रहे ठिकाने।जो तेरी महिमा को जाने॥
रद्रक्षा की माला ले कर।जपे जो मन्त्र श्रद्धा दे कर॥
आलस छोड़ करे गुणगाना।माँ तुम उसको सुख पहुँचाना॥
ब्रह्मचारिणी तेरो नाम।पूर्ण करो सब मेरे काम॥
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।रखना लाज मेरी महतारी॥
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: महाकाली माता जी की आरती
'मंगल' की सेवा, सुन मेरी देवाहाथ जोड़, तेरे द्वार खड़े।
पान सुपारी, ध्वजा, नारियल,ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
सुन जगदम्बे, कर न विलम्बेसंतन के भण्डार भरे।
संतन-प्रतिपाली, सदा खुशहाली,मैया जै काली कल्याण करे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
बुद्धि विधाता, तू जग माता,मेरा कारज सिद्ध करे।
चरण कमल का लिया आसरा,शरण तुम्हारी आन परे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
जब-जब भीर पड़ी भक्तन पर,तब-तब आय सहाय करे।
बार-बार तैं सब जग मोहयो,तरुणी रूप अनूप धरे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
माता होकर पुत्र खिलावेकहीं भार्या भोग करे।,
सन्तन सुखदाई सदा सहाई,सन्त खड़े जयकार करे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
ब्रह्मा विष्णु महेश सहसफण लिए,भेंट देन तेरे द्वार खड़े।
अटल सिहांसन बैठी मेरी माता,सिर सोने का छत्र फिरे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
वार शनिश्चर कुंकुम बरणो,जब लुँकड़ पर हुकुम करे।
खड्ग खप्पर त्रिशुल हाथ लिए,रक्त बीज को भस्म करे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
शुंभ निशुंभ को क्षण में मारे,महिषासुर को पकड़ दले।
'आदित' वारी आदि भवानी,जन अपने का कष्ट हरे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
कुपित होय दानव मारे,चण्ड मुण्ड सब चूर करे।
जब तुम देखी दया रूप हो,पल में संकट दूर करे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
सौम्य स्वभाव धरयो मेरी माता,जन की अर्ज कबूल करे।
सात बार की महिमा बरनी,सब गुण कौन बखान करे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
सिंह पीठ पर चढ़ी भवानी,अटल भवन में राज करे।
दर्शन पावें मंगल गावें,सिद्ध साधक तेरी भेंट धरे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
ब्रह्मा वेद पढ़े तेरे द्वारे,शिव शंकर ध्यान धरे।
इन्द्र कृष्ण तेरी करे आरती,चँवर कुबेर डुलाय रहे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
जय जननी जय मातु भवानी,अटल भवन में राज करे।
संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली,मैया जय काली कल्याण करे॥
मंगल की सेवा सुन मेरी देवा।
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: पार्वती माता की आरती
जय पार्वती माताजय पार्वती माता।
ब्रह्म सनातन देवीशुभ फल की दाता॥
जय पार्वती माता
अरिकुल पद्म विनाशिनिजय सेवक त्राता।
जग जीवन जगदम्बा,हरिहर गुण गाता॥
जय पार्वती माता
सिंह को वाहन साजे,कुण्डल हैं साथा।
देव वधू जस गावत,नृत्य करत ताथा॥
जय पार्वती माता
सतयुग रूपशील अतिसुन्दर,नाम सती कहलाता।
हेमांचल घर जन्मी,सखियन संग राता॥
जय पार्वती माता
शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमांचल स्थाता।
सहस्र भुजा तनु धरि के,चक्र लियो हाथा॥
जय पार्वती माता
सृष्टि रूप तुही हैजननी शिवसंग रंगराता।
नन्दी भृंगी बीन लहीसारा जग मदमाता॥
जय पार्वती माता
देवन अरज करतहम चित को लाता।
गावत दे दे ताली,मन में रंगराता॥
जय पार्वती माता
श्री प्रताप आरती मैया की,जो कोई गाता।
सदासुखी नित रहतासुख सम्पत्ति पाता॥
जय पार्वती माता
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: वैष्णो माता आरती
जय वैष्णवी माता,मैया जय वैष्णवी माता।
हाथ जोड़ तेरे आगे,आरती मैं गाता॥
शीश पे छत्र विराजे,मूरतिया प्यारी।
गंगा बहती चरनन,ज्योति जगे न्यारी॥
ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे,शंकर ध्यान धरे।
सेवक चंवर डुलावत,नारद नृत्य करे॥
सुन्दर गुफा तुम्हारी,मन को अति भावे।
बार-बार देखन को,ऐ माँ मन चावे॥
भवन पे झण्डे झूलें,घंटा ध्वनि बाजे।
ऊँचा पर्वत तेरा,माता प्रिय लागे॥
पान सुपारी ध्वजा नारियल,भेंट पुष्प मेवा।
दास खड़े चरणों में,दर्शन दो देवा॥
जो जन निश्चय करके,द्वार तेरे आवे।
उसकी इच्छा पूरण,माता हो जावे॥
इतनी स्तुति निश-दिन,जो नर भी गावे।
कहते सेवक ध्यानू,सुख सम्पत्ति पावे॥
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: मां दुर्गा के नौ रूपों के बीज मंत्र
मां शैलपुत्री का बीज मंत्र - ह्रीं शिवायै नमः
मां ब्रह्मचारिणी का बीज मंत्र - ह्रीं श्री अम्बिकायै नमः
मां चंद्रघण्टा का बीज मंत्र - ऐं श्रीं शक्तयै नमः
मां कूष्मांडा का बीज मंत्र - ऐं ह्री देव्यै नमः
मां स्कंदमाता का बीज मंत्र - ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नमः
मां कात्यायनी का बीज मंत्र - क्लीं श्री त्रिनेत्रायै नमः
मां कालरात्रि का बीज मंत्र - क्लीं ऐं श्री कालिकायै नमः
मां महागौरी का बीज मंत्र - श्री क्लीं ह्रीं वरदायै नमः
मां सिद्धिदात्री का बीज मंत्र - ह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नमः
Navratri 2025 Mata ki Aarti Lyrics LIVE: मां शैलपुत्री की आरती
शिव-शंकर की प्रिय भवानी।तेरी महिमा किसी ने न जानी॥
पार्वती तू उमा कहलावें।जो तुझे सुमिरे सो सुख पावें॥
रिद्धि सिद्धि परवान करें तू।दया करें धनवान करें तू॥
सोमवार को शिव संग प्यारी।आरती जिसने तेरी उतारी॥
उसकी सगरी आस पुजा दो।सगरे दुःख तकलीफ मिटा दो॥
घी का सुन्दर दीप जला के।गोला गरी का भोग लगा के॥
श्रद्धा भाव से मन्त्र जपायें।प्रेम सहित फिर शीश झुकायें॥
जय गिरराज किशोरी अम्बे।शिव मुख चन्द्र चकोरी अम्बे॥
मनोकामना पूर्ण कर दो।चमन सदा सुख सम्पत्ति भर दो॥
करणी माता जी आरती | Karni Mata Ji Aarti
भक्त जनन भय संकट,पल-छिन में हरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
आदि शक्ति अविनासी,वेदन में वरणी ।
अगम अनन्त अगोचर,विश्वरूप धरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
काली तूं किरपाली,दुर्गे दुःख हरणी ।
चंडी तूं चिरताली,ब्रह्माणी वरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
लक्ष्मी तूं हिंगलाजा,आवड़ अघ हरणी ।
दैत्य दलण डाढ़ाली,अम्बे अवतरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
ग्राम सुवाप सुहाणो,धिन थलवट धरणी ।
देवला माँ मेहा घर,जनमी जग जननी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
राज दियों रिडमल ने,कानो खय करणी ।
धन दुहत वाणीये को,तारी कर तरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
शेखो लाय सिन्ध सू,पेथड़ आचरणी ।
दशरथ थान दिपायी,सांपू सुख सरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
जेतल भूप जीताड़यो,कमरू दल दलणी ।
प्राण बचाव भगत के,पार कला हरणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
परचा गिण नहीं पाऊ, माँ आशरण शरणी ।
‘सोहन’ चरण शरण में,दास अभय करणी ॥
ॐ जय अम्बे करणी…
Navratri Day 1 Puja Aarti: नवरात्रि के पहले दिन की पूजा आरती
शैलपुत्री मां बैल पर सवार।
करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी।
तेरी महिमा किसी ने ना जानी।
पार्वती तू उमा कहलावे।
जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू।
दया करे धनवान करे तू।
सोमवार को शिव संग प्यारी।
आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो।
सगरे दुख तकलीफ मिला दो।
घी का सुंदर दीप जला के।
गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं।
प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।
जय गिरिराज किशोरी अम्बे।
शिव मुख चंद्र चकोरी अम्बे।
मनोकामना पूर्ण कर दो।
भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।
जोर से बोलो जय माता दी, सारे बोले जय माता दी।
