आज नवरात्रि का कौन सा दिन है, 29 सितंबर को सातवां नवरात्र है या आठवां (Navratri Day Today 29 September): नवरात्र के पंचांग के अनुसार, आज शारदीय नवरात्र 2025 का सातवां दिन है और आज मां के कालरात्रि रूप की पूजा होगी। दरअसल, इस बार नवरात्र में 9 नहीं बल्कि 10 दिन हैं। नवरात्र के बीच में चतुर्थी की तिथि का दोहराव होने की वजह से आज नवरात्र का आठवां दिन होने के बावजूद इसे सातवें दिन के रूप में लिया जाएगा। इस तरह आज मां के कालरात्रि रूप के पूजन का दिन है।
आज नवरात्रि का कौन सा दिन है (Pic: Pinterest)
मां का सातवां स्वरूप कैसा है
माता रानी का सातवां रूप मां कालरात्रि का होता है। गहरे काले रंग की वजह से यह कालरात्रि कहती हैं। इनकी मुद्रा हमेशा शुभ और कल्याणकारी है। सिर पर बिखरे हुए केश, गले में माला के साथ मां के तीन नेत्र ब्रह्मांड को प्रकाशित करते हैं। इनका वाहन गधा (गर्दभ) है। इनका भयावह रूप भी भक्तों के लिए कल्याणकारी है, इस वजह से इनको शुभंकरी भी कहा जाता है।
नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि का रंग कौन सा है
नवरात्र के सातवें दिन नारंगी रंग पहना जाता है। इसे मां कालरात्रि की पूजा के लिए शुभ माना गया है।
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार - दैत्यराज शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज का अत्याचार जब चरम पर पहुंचा, तब मां दुर्गा ने उनके संहार के लिए अपने शरीर से कालरात्रि रूप को उत्पन्न किया। रक्तबीज के पास जो वरदान था, उसकी वजह से उसके रक्त की प्रत्येक बूंद धरती पर गिरने से नया दैत्य उत्पन्न हो जाता था। ऐसे में मां कालरात्रि ने अपने विकराल रूप से समस्त असुर सेना का संहार किया। उन्होंने रक्तबीज के रक्त को धरती पर गिरने ही नहीं दिया और पीकर उसे समाप्त कर दिया।
इस प्रकार देवी ने संसार को असुरों के आतंक से मुक्ति दिलाई।
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि का मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्रीं कालरात्रै नमः
या देवी सर्वभूतेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की आरती
कालरात्रि जय जय महाकाली
काल के मुंह से बचाने वाली
दुष्ट संहारिणी नाम तुम्हारा
महा चंडी तेरा अवतारा
पृथ्वी और आकाश पर सारा
महाकाली है तेरा पसारा
खंडा खप्पर रखने वाली
दुष्टों का लहू चखने वाली
कलकत्ता स्थान तुम्हारा
सब जगह देखूं तेरा नजारा
सभी देवता सब नर नारी
गावे स्तुति सभी तुम्हारी
रक्तदंता और अन्नपूर्णा
कृपा करे तो कोई भी दुःख ना
ना कोई चिंता रहे ना बीमारी
ना कोई गम ना संकट भारी
उस पर कभी कष्ट ना आवे
महाकाली मां जिसे बचावे
तू भी 'भक्त' प्रेम से कह
कालरात्रि मां तेरी जय
