Padmini Ekadashi Vrat Katha in Hindi: आज की एकादशी की कथा, पढ़ें अधिकमास शुक्ल पक्ष की ग्यारस की कहानी, जानें पद्मिनी एकादशी की व्रत कथा क्या है

Padmini Ekadashi Vrat Katha in Hindi, Purushottam Kamla Ekadashi Vrat Katha: अधिकमास के शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी का व्रत बिना कथा पढ़े या सुने, पूर्ण नहीं माना जाता है। आइए जानते हैं पद्मिनी एकादशी व्रत कथा क्या है।

Padmini Ekadashi Vrat Katha in Hindi: पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadashi 2026) को अधिक मास की सबसे पुण्यदायी एकादशी माना जाता है। यह एकादशी हर तीन साल में आने वाले अधिकमास में पड़ती है, इसलिए इसका महत्व बेहद विशेष माना गया है। इसे कमला एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन के दुख-दर्द दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पद्मिनी एकादशी की व्रत कथा भगवान विष्णु की कृपा, कठोर तपस्या और सच्ची भक्ति का संदेश देती है। मान्यता है कि इस कथा को सुनने या पढ़ने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

Padmini Ekadashi Vrat Katha in Hindi आज की एकादशी की व्रत कथा

पद्मिनी एकादशी की पौराणिक कथा (Padmini Ekadashi Vrat Katha

पौराणिक काल में त्रेतायुग के समय महिष्मती नगरी में राजा कृतवीर्य राज्य करते थे। राजा बहुत प्रतापी और धर्मात्मा थे। उनके पास धन-दौलत, वैभव और विशाल राज्य सब कुछ था, लेकिन उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं था। राजा की कई रानियां थीं, लेकिन किसी से भी संतान उत्पन्न नहीं हुई। संतान न होने के कारण राजा और रानी दोनों बहुत दुखी रहने लगे।

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