Aaj Ka Panchang (9 November 2026) आज का पंचांग : आज सोमवार को सोमवती अमावस्या का पर्व है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। सोमवती अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व है। आज सुबह से दोपहर 12:31 बजे तक अमावस्या तिथि रहेगी। ऐसे में स्नान और दान के लिए सुबह का समय महत्वपूर्ण है। शाम को सूर्यास्त के बाद दीपक जलाकर पूजा की जा सकती है। आइए जानते हैं सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ समय, दीपक जलाने का समय और आज का पूरा पंचांग।
9 नवंबर का पंचांग
आज का पंचांग
9 नवंबर 2026 को सोमवार है और कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है। पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक और अमांत पंचांग के अनुसार आश्विन मास है। आज प्रविष्टे 24 है।
सोमवती अमावस्या पर स्नान-दान का शुभ मुहूर्त
आज सोमवार को अमावस्या पड़ने के कारण सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ तथा धन का दान करने का विधान है। आज अमावस्या तिथि दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:54 बजे से 5:46 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:20 बजे से 6:39 बजे तक
- सूर्योदय: सुबह 6:39 बजे
- अमावस्या तिथि समाप्त: दोपहर 12:31 बजे
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
स्नान और दान के लिए सूर्योदय के आसपास का समय अच्छा रहेगा। श्रद्धालु सुबह स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य दें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें। अमावस्या तिथि दोपहर 12:31 बजे समाप्त हो रही है, इसलिए तिथि के भीतर स्नान-दान का संकल्प पूरा करना उचित रहेगा।
सोमवती अमावस्या की रात कब जलाएं दीपक
सोमवती अमावस्या पर शाम को सूर्यास्त के बाद घर के मंदिर और मुख्य द्वार पर दीपक जला सकते हैं। आज सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। ऐसे में शाम 5:31 बजे के बाद दीपक जलाने का समय रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 57 मिनट तक है। इस दौरान घर के मंदिर में दीपक जलाकर पूजा कर सकते हैं।
पितरों के निमित्त दीपदान करने की परंपरा भी है। इसके लिए सूर्यास्त के बाद प्रदोष समय में दीपक जलाया जा सकता है। घर के मंदिर में घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं और अपनी परंपरा के अनुसार पूजा करें।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 39 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5 बजकर 31 मिनट पर होगा। चंद्रोदय सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर होगा और चंद्रास्त शाम 5 बजकर 12 मिनट पर रहेगा।
तिथि, नक्षत्र और योग
आज अमावस्या तिथि दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। स्वाति नक्षत्र सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र शुरू होगा। आज सौभाग्य योग 10 नवंबर की सुबह 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसके बाद शोभन योग शुरू होगा। करण की बात करें तो नाग करण दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इसके बाद किंस्तुघ्न करण 10 नवंबर की रात 1 बजकर 12 मिनट तक और फिर बव करण शुरू होगा।
चंद्रमा और सूर्य की राशि
आज चंद्रमा तुला राशि में 10 नवंबर की रात 2 बजकर 48 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। स्वाति नक्षत्र का चौथा चरण सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विशाखा नक्षत्र का प्रथम चरण दोपहर 1 बजकर 50 मिनट तक, दूसरा चरण रात 8 बजकर 18 मिनट तक और तीसरा चरण 10 नवंबर की रात 2 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके बाद चौथा चरण शुरू होगा। सूर्य तुला राशि में स्थित हैं और विशाखा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। सूर्य विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण में 10 नवंबर की सुबह 4 बजकर 49 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे।
विक्रम संवत 2083 का राजा और मंत्री मंडल
विक्रम संवत 2083 में गुरु राजा और मंगल मंत्री हैं। चंद्रमा सेनाधिपति, बुध धान्याधिपति, गुरु सस्याधिपति और मेघाधिपति हैं। धनाधिपति और नीरसाधिपति का पद भी गुरु के पास है, जबकि शनि रसाधिपति और चंद्रमा फलाधिपति हैं।
ऋतु और अयन
आज द्रिक ऋतु के अनुसार हेमंत और वैदिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु है। सूर्य दक्षिणायन में हैं। आज दिनमान 10 घंटे 51 मिनट 48 सेकंड और रात्रिमान 13 घंटे 08 मिनट 57 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 05 मिनट पर होगा।
आज सोमवती अमावस्या के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:54 बजे से 5:46 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:20 बजे से 6:39 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 बजे से 2:37 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 बजे से 5:57 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 5:31 बजे से 6:50 बजे तक
- अमृत काल: रात 11:49 बजे से 10 नवंबर की रात 1:32 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 10 नवंबर की रात 12:31 बजे तक
9 नवंबर के अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 8:00 बजे से 9:22 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 1:26 बजे से 2:48 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:26 बजे से 1:10 बजे तक और दोपहर 2:37 बजे से 3:20 बजे तक
- वर्ज्य: दोपहर 1:27 बजे से 3:10 बजे तक
- आडल योग: सुबह 6:39 बजे से 7:24 बजे तक
- विंछुड़ो: 10 नवंबर की रात 2:48 बजे से सुबह 6:40 बजे तक
- रज बाण: रात 8:52 बजे तक
आनन्दादि योग और तमिल योग
आज आनन्दादि योग में छत्र योग सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। इसके बाद मित्र योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार सिद्ध योग सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, इसके बाद अमृत योग शुरू होगा। आज जीवनम निर्जीव और नेत्रम नेत्रहीन रहेगा।
दिशा शूल और निवास
आज दिशा शूल पूर्व दिशा में रहेगा। चंद्रमा का वास 10 नवंबर की रात 2 बजकर 48 मिनट तक पश्चिम दिशा में और इसके बाद उत्तर दिशा में रहेगा। राहु का वास उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा। होमाहुति में केतु का प्रभाव सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, इसके बाद सूर्य का प्रभाव होगा।
अग्निवास दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक आकाश में और इसके बाद पृथ्वी पर रहेगा। शिववास दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक गौरी के साथ और इसके बाद श्मशान में रहेगा। कुम्भ चक्र में कण्ठ का प्रभाव सुबह 7 बजकर 24 मिनट तक और इसके बाद मुख का प्रभाव रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
