Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 7 October 2026 : 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। आज द्वादशी श्राद्ध किया जाएगा। द्वादशी तिथि रात 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगी, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। चंद्रमा आज सिंह राशि में स्थित रहेंगे। मघा नक्षत्र रात 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। दिन में शुभ योग का प्रभाव रहेगा और रात 2 बजकर 52 मिनट तक शुभ योग बना रहेगा।
7 अक्टूबर का पंचांग
सूर्योदय एवं सूर्यास्त
7 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 17 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 0 मिनट पर होगा। चंद्रोदय रात 3 बजकर 54 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त दोपहर 3 बजकर 57 मिनट पर रहेगा। आज दिनमान 11 घंटे 43 मिनट 15 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 17 मिनट 17 सेकंड रहेगा। मध्याह्न का समय दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर होगा।
7 अक्टूबर 2026 की तिथि
आज आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। द्वादशी तिथि रात 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। पितृपक्ष के दौरान आने वाली द्वादशी तिथि पर द्वादशी श्राद्ध किया जाएगा। जिन पितरों की श्राद्ध तिथि द्वादशी मानी जाती है, उनके लिए आज श्राद्ध, तर्पण और पितरों के निमित्त दान-पुण्य किया जा सकता है।
आज का नक्षत्र
7 अक्टूबर को मघा नक्षत्र रात 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। मघा नक्षत्र के दूसरे पद में सुबह 9 बजकर 57 मिनट तक, तीसरे पद में दोपहर 3 बजकर 48 मिनट तक और चौथे पद में रात 9 बजकर 40 मिनट तक चंद्रमा रहेंगे। इसके बाद पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के पहले पद में प्रवेश होगा।
आज का योग और करण
आज शुभ योग रात 2 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, जो 8 अक्टूबर की रात तक चलेगा। इसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा। करण की बात करें तो कौलव करण सुबह 11 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण शुरू होगा, जो रात 11 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गर करण लगेगा।
आज की चंद्र राशि और सूर्य राशि
7 अक्टूबर को चंद्रमा पूरे दिन सिंह राशि में रहेंगे। सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्य का नक्षत्र हस्त रहेगा। सूर्य हस्त नक्षत्र के तीसरे पद में शाम 5 बजकर 26 मिनट तक रहेंगे और इसके बाद चौथे पद में प्रवेश करेंगे।
आज का पक्ष और चंद्र मास
आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है। पूर्णिमांत गणना के अनुसार आश्विन मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास है। विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी और शक संवत 1948 पराभव है। गुजराती संवत 2082 पिङ्गल चल रहा है।
द्वादशी श्राद्ध आज
पितृपक्ष में द्वादशी तिथि का विशेष महत्व है। आज द्वादशी श्राद्ध के अंतर्गत पितरों के लिए श्राद्ध कर्म, तर्पण और दान-पुण्य किया जा सकता है। श्राद्ध कर्म में पितरों का स्मरण करके विधि के अनुसार पूजा और तर्पण करें। ब्राह्मण भोजन और सामर्थ्य के अनुसार दान करने के बाद श्राद्ध कर्म पूरा किया जा सकता है।
ऋतु और अयन
द्रिक गणना के अनुसार आज शरद ऋतु रहेगी, जबकि वैदिक गणना में वर्षा ऋतु है। सूर्य दक्षिणायण में स्थित हैं। आज दिनमान 11 घंटे 43 मिनट 15 सेकंड और रात्रिमान 12 घंटे 17 मिनट 17 सेकंड रहेगा।
7 अक्टूबर के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:28 बजे तक
- प्रातः संध्या: सुबह 5:04 बजे से 6:17 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:06 बजे से 2:53 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:00 बजे से 6:25 बजे तक
- सायाह्न संध्या: शाम 6:00 बजे से 7:14 बजे तक
- अमृत काल: शाम 7:20 बजे से 8:53 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:44 बजे से 8 अक्टूबर की रात 12:34 बजे तक
7 अक्टूबर के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: दोपहर 12:09 बजे से 1:37 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 7:45 बजे से 9:13 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 9:58 बजे से 11:32 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: 8 अक्टूबर की सुबह 5:33 बजे से 7:08 बजे तक
- विडाल योग: रात 9:40 बजे से 8 अक्टूबर की सुबह 6:18 बजे तक
- गण्ड मूल: सुबह 6:17 बजे से रात 9:40 बजे तक
आज का आनंदादि योग और तमिल योग
आज आनंदादि योग में चर योग रात 9 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्थिर योग शुरू होगा। तमिल योग के अनुसार रात 9 बजकर 40 मिनट तक सिद्ध योग रहेगा, इसके बाद अमृत योग शुरू होगा। आज जीवनम अर्ध और नेत्रम नेत्रहीन रहेगा।
आज का दिशा शूल
7 अक्टूबर को बुधवार होने के कारण दिशा शूल उत्तर दिशा में रहेगा। चंद्रमा पूर्व दिशा में रहेंगे। राहु वास दक्षिण-पश्चिम दिशा में रहेगा। यात्रा की योजना बनाते समय दिशा शूल का ध्यान रखा जा सकता है।
आज का निवास और शूल
आज होमाहुति केतु में रहेगी। अग्निवास रात 11 बजकर 16 मिनट तक पृथ्वी पर रहेगा और इसके बाद आकाश में रहेगा। शिववास रात 11 बजकर 16 मिनट तक नंदी पर रहेगा और उसके बाद भोजन में रहेगा। कुम्भ चक्र कण्ठ में रहेगा।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पंचांग पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
