Aaj Ka Panchang: आज 5 अक्टूबर 2025 का दिन रविवार है। आज आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जो दोपहर 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी लग जाएगी। आज शतभिषा नक्षत्र सुबह 8 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। इसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र पूरे दिन रहेगा। करण तैतिल शाम 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गर करण लग जाएगा। आज योग गण्ड शाम 4 बजकर 34 तक रहेगा। इसके बाद वृद्धि योग लग जाएगा।
सूर्योदय और चन्द्रोदय
सूर्योदय – सुबह 06:16 बजे
सूर्यास्त – शाम 06:02 बजे
चन्द्रोदय – शाम 04:54 बजे
चन्द्रास्त – सुबह 05:08 बजे (6 अक्टूबर)
पञ्चाङ्ग
तिथि – त्रयोदशी दोपहर 03:03 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी
नक्षत्र – शतभिषा सुबह 08:01 बजे तक, फिर पूर्व भाद्रपद
योग – गण्ड शाम 04:34 बजे तक, फिर वृद्धि
करण – तैतिल दोपहर 03:03 बजे तक, फिर गर रात 01:47 बजे (6 अक्टूबर) तक, फिर वणिज
वार – रविवार
पक्ष – शुक्ल पक्ष
चन्द्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत – 2082 (कालयुक्त)
शक संवत – 1947 (विश्वावसु)
गुजराती संवत – 2081 (नल)
चन्द्र मास – आश्विन (पूर्णिमान्त)
गते – 19 दिन
राशि और नक्षत्र विवरण
चन्द्र राशि – कुम्भ रात 12:45 बजे (6 अक्टूबर) तक, फिर मीन
सूर्य राशि – कन्या
सूर्य नक्षत्र – हस्त
नक्षत्र पद – शतभिषा सुबह 08:01 बजे तक, फिर पूर्व भाद्रपद दोपहर 01:38 बजे तक पहला पद, शाम 07:12 बजे तक दूसरा पद, रात 12:45 बजे तक तीसरा पद, और सुबह 06:16 बजे (6 अक्टूबर) तक चौथा पद, उसके बाद उत्तर भाद्रपद शुरू
ऋतु और अयन
द्रिक ऋतु – शरद
वैदिक ऋतु – शरद
द्रिक अयन – दक्षिणायण
वैदिक अयन – दक्षिणायण
दिनमान – 11 घंटे 46 मिनट 12 सेकंड
रात्रिमान – 12 घंटे 14 मिनट 19 सेकंड
मध्याह्न – दोपहर 12:09 बजे
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:38 से 05:27 बजे तक
प्रातः सन्ध्या – सुबह 05:03 से 06:16 बजे तक
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:46 से 12:33 बजे तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02:07 से 02:54 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 06:02 से 06:27 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या – शाम 06:02 से 07:16 बजे तक
अमृत काल – रात 10:51 से 12:20 बजे (6 अक्टूबर) तक
निशिता मुहूर्त – रात 11:45 से 12:34 बजे (6 अक्टूबर) तक
सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 06:16 बजे (6 अक्टूबर) से सुबह 06:17 बजे (6 अक्टूबर) तक
रवि योग – सुबह 08:01 बजे से अगले दिन सुबह 06:16 बजे तक
अशुभ समय
राहुकाल – शाम 04:34 से 06:02 बजे तक
यमगण्ड – दोपहर 12:09 से 01:38 बजे तक
गुलिक काल – दोपहर 03:06 से शाम 04:34 बजे तक
दुर्मुहूर्त – शाम 04:28 से 05:15 बजे तक
वर्ज्य – दोपहर 01:57 से 03:26 बजे तक
आडल योग – सुबह 08:01 से अगले दिन सुबह 06:16 बजे तक
विडाल योग – सुबह 06:16 से 08:01 बजे तक
पञ्चक – पूरे दिन
बाण – रोग बाण सुबह 10:35 बजे तक
आनन्दादि और तमिल योग
आनन्दादि योग – राक्षस सुबह 08:01 बजे तक (अशुभ), फिर चर (शुभ), फिर स्थिर (शुभ)
तमिल योग – मरण सुबह 08:01 बजे तक, फिर सिद्ध और अमृत योग
निवास और शूल
होमाहुति – शनि सुबह 08:01 बजे तक
दिशा शूल – पश्चिम दिशा
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🌌 चंद्रबल व ताराबल:
मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुम्भ को चंद्रबल प्राप्त है। अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।
