Aaj Ka Panchang: 13 नवंबर 2025, गुरुवार का दिन, हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि से शुरू होगा, जो रात 11 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, इसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। यह दिन मार्गशीर्ष मास का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष शुभ है।
आज पूजा का शुभ समय क्या है, इसको आज के पंचांग से जान सकते हैं। आज नक्षत्र मघा शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र प्रभावी होगा। योग में ब्रह्म सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, इसके बाद इन्द्र योग शुरू होगा। करण में तैतिल सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक, गर रात 11 बजकर 33 मिनट तक और वणिज 14 नवंबर सुबह तक रहेगा। पंचांग के माध्यम से आप दिन के शुभ और अशुभ काल का पता लगा सकते हैं।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
सूर्य आज सुबह 6 बजकर 42 मिनट पर उदय होगा और शाम 5 बजकर 28 मिनट पर अस्त होगा। चंद्रमा 14 नवंबर रात 1 बजकर 20 मिनट पर उदय होगा और दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर अस्त होगा। दिन की अवधि 10 घंटे 46 मिनट 13 सेकंड रहेगी, जबकि रात की अवधि 13 घंटे 14 मिनट 33 सेकंड होगी। मध्याह्न दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर होगा।
तिथि, नक्षत्र, योग और करण
आज की तिथि मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की नवमी रात 11 बजकर 33 मिनट तक रहेगी, इसके बाद कृष्ण दशमी शुरू होगी। नक्षत्र मघा शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र लगेगा। मघा का पहला पाद सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक और दूसरा पाद दोपहर 1 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र 14 नवंबर सुबह 2 बजकर 0 मिनट तक प्रभावी रहेगा। योग में ब्रह्म सुबह 6 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, फिर इन्द्र योग शुरू होगा। करण में तैतिल सुबह 11 बजकर 10 मिनट तक, गर रात 11 बजकर 33 मिनट तक और वणिज 14 नवंबर तक रहेगा।
चंद्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर
विक्रम संवत 2082 कालयुक्त, शक संवत 1947 विश्वावसु और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त 25 अप्रैल 2025 को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा, फिर सिद्धार्थी शुरू होगा। चंद्र मास मार्गशीर्ष पूर्णिमांत में है, जबकि अमांत में कार्तिक है। प्रविष्टे/गते 28 है।
राशि और नक्षत्र
चंद्र राशि सिंह में पूरे दिन रहेगी। सूर्य राशि तुला में है और सूर्य विशाखा नक्षत्र में पूरे दिन रहेगा। मघा और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र नेतृत्व, सौंदर्य और वैभव की ऊर्जा देंगे।
ऋतु और अयन
ऋतु शरद (वैदिक) और हेमंत (द्रिक) है। अयन दक्षिणायन है। मौसम ठंडा रहेगा, रात में ठंडक और बढ़ जाएगी।
13 नवंबर का शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:56 से 5:49 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए उत्तम)
- प्रातः संध्या: सुबह 5:23 से 6:42 बजे तक (स्पिरिचुअल कार्यों के लिए शुभ)
- अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:27 बजे तक (महत्वपूर्ण कार्यों के लिए फेवरेबल)
- विजय मुहूर्त: दोपहर 1:53 से 2:36 बजे तक (नए काम शुरू करने के लिए अच्छा)
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:28 से 5:55 बजे तक (पूजा और फैमिली टाइम के लिए शुभ)
- सायाह्न संध्या: शाम 5:28 से 6:48 बजे तक (भक्ति कार्यों के लिए बेस्ट)
- अमृत काल: शाम 5:08 से 6:48 बजे तक (शुभ कार्यों के लिए अनुकूल)
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 14 नवंबर सुबह 12:32 बजे तक (रात की पूजा के लिए उत्तम)
13 नवंबर का अशुभ समय
- राहुकाल: दोपहर 1:26 से 2:47 बजे तक (बड़े फैसले या नए काम से बचें)
- यमगण्ड: सुबह 6:42 से 8:03 बजे तक (जोखिम भरे कामों से बचें)
- गुलिक काल: सुबह 9:24 से 10:44 बजे तक (सावधानी बरतें)
- दुर्मुहूर्त: सुबह 10:18 से 11:01 बजे तक
- वर्ज्य: सुबह 7:06 से 8:47 बजे तक, दोपहर 2:36 से 3:19 बजे तक, 14 नवंबर सुबह 4:12 से 5:55 बजे तक
- गण्ड मूल: सुबह 6:42 से शाम 7:38 बजे तक
- बाण: रोग − दोपहर 2:15 बजे तक
आनंदादि और तमिल योग
आनंदादि योग में मुसल शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, फिर गद शुरू होगा। तमिल योग में मरण शाम 7 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, फिर मरण शुरू होगा। जीवनम में अर्ध जीवन और नेत्रम में एक नेत्र रहेगा।
निवास और शूल
होमाहुति राहु को दी जाएगी। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है, इस दिशा में यात्रा से बचें। चंद्र वास पूर्व में रहेगा। अग्निवास पाताल रात 11 बजकर 33 मिनट तक, फिर पृथ्वी में रहेगा। राहु वास दक्षिण में रहेगा। शिववास सभा में रात 11 बजकर 33 मिनट तक, फिर क्रीड़ा में रहेगा। कुंभ चक्र तल में रहेगा।
