Karwa Chauth paran samay vidhi: करवा चौथ का व्रत अधिकतर सुहागिन स्त्रियां रखती हैं। इस व्रत को बेहद ही पवित्र और पावन माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से पति को दीर्घायु और दांपत्य जीवन में सुख आता है। इस दिन चंद्रमा का दीदार करने के बाद अपने पति के हाथों से व्रत का पारण किया जाता है।
करवा चौथ की पारण विधि
कब किया जाएगा पारण?
करवा चौथ व्रत का पारण हमेशा चंद्र दर्शन के बाद ही किया जाता है। माना जाता है कि बिना चंद्रमा के दर्शन किए यह व्रत अधूरा होता है। चंद्रमा का छलनी से दर्शन के बाद पति को छलनी से देखा जाता है। सबसे अंत में पति के हाथों से जल और मिठाई ग्रहण कर व्रत का पारण किया जाता है। इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम व सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
पारण में खाएं ये चीजें
करवाचौथ का व्रत निर्जला रखा जाता है। यह शरीर पर प्रभाव डालता है। इस कारण पारण के बाद तुरंत से ज्यादा भारी भोजन न करें। पारण के बाद हल्का ही खाना खाएं। आप नारियल पानी भी पी सकती हैं। इसके साथ ही खिचड़ी, दलिया या सूप भी ले सकते हैं। पारण के बाद भोजन में तली-भुनी चीजें न खाएं।
