अध्यात्म

25 February 2025 Panchang: जानिए प्रदोष व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त और विजया एकादशी व्रत का पारण समय समेत आज का पूरा पंचांग

25 February 2025 Panchang: आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी लग जाएगी। इस दिन भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इसके अलावा विजया एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। जानिए आज का पूरा पंचांग।

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25 February 2025 Panchang

25 February 2025 Panchang: आज सुबह के समय विजया एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा तो शाम के समय प्रदोष काल में भौम प्रदोष व्रत की पूजा की जाएगी। आज श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। सात अन्न व गुड़ का दान करें। बजरंगबली उपासना से सभी कष्ट दूर होते हैं। महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। चन्द्रमा व मंगल के द्रव्य चावल का दान करें। लाल वस्त्र दान भी बहुत ही मंगलमय होता है, इससे कष्ट समाप्त व धन आगमन तथा शुभता का आगमन होता है। ब्रम्ह मुहूर्त में श्री सुंदरकांड का पाठ करें। अब जानिए आज का पूरा पंचांग।

विजया एकादशी व्रत पारण मुहूर्त 2025 (Vijaya Ekadashi Vrat Parana Time 2025)

विजया एकादशी व्रत पारण का समय 25 फरवरी की सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। वहीं पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दोपहर 12:47 का है।

प्रदोष पूजा मुहूर्त 2025 (Pradosh Puja Muhurat 2025)

भौम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 25 फरवरी की शाम 6 बजकर 18 मिनट से रात 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। इस मुहूर्त में प्रदोष व्रत की पूजा बेहद शुभ फलदायी मानी जाती है।

आज का पंचांग 25 फरवरी 2025 (Aaj Ka Panchang 25 February 2025)

संवत---पिङ्गला

विक्रम संवत 2081

माह-फाल्गुन,कृष्ण पक्ष, द्वादशी

पर्व- हनुमान जी के निमित्त मंगलवार व्रत,

दिवस -मंगलवार

सूर्योदय-06:52am

सूर्यास्त-6:17pm

नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा

चन्द्र राशि - मकर,स्वामी ग्रह -शनि

सूर्य राशि- कुम्भ,स्वामी ग्रह-शनि

करण-- कौलव

योग- व्यतीपात

25 फरवरी 2025 शुभ मुहूर्त (25 February 2025 Shubh Muhurat)

अभिजीत-12:15 pm से 12:55 pm तक

विजय मुहूर्त-02:25pm से 03:26pm तक

गोधुली मुहूर्त--06:25pm से 07:22pm तक

ब्रम्ह मुहूर्त-4:03m से 05:07am तक

अमृत काल-06:07am से 07:46am तक

निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:42से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:25 pm से 07:03pm तक

दिशा शूल-उत्तर दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-सायंकाल 03 बजे से 04:30 बजे तक

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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