सवाई माधोपुर जिले में रणथंभौर बाघ अभयारण्य के पास बृहस्पतिवार को तेंदुए के हमले में सात साल के बच्चे की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार ने शव लेने से इनकार कर दिया और वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना अटीला बालाजी मंदिर के पास हुई जब बच्चा विक्रम बंजारा अपने पिता का हाथ पकड़कर जा रहा था। यह परिवार पास की बस्ती के निवासियों के साथ दर्शन के लिए जा रहा था तभी तेंदुए ने हमला कर दिया। हालांकि, शुक्रवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया जायेगा।
सवाई माधोपुर में तेंदुए के हमले में सात साल के बच्चे की मौत
तेंदुए के हमले से 2025 में चौथी मौत
बाघों की अठखेलियों को लेकर विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाईगर रिजर्व के लिए साल 2025 कई मायनों में बेहद खराब रहा। रणथंभौर में इस वर्ष टाइगर के हमलों में तीन जनों की मौत हो चुकी और गुरुवार को तेंदुए के हमले में एक मासूम बच्चे की जान चली गई। कुल मिलाकर रणथंभौर में इस वर्ष चार मौतें हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि रणथंभौर की परिधि से सटे पुराने शहर के रामद्वारा के नजदीक स्थित गोपालपुरा बंजारा बस्ती निवासी 8 वर्षिय बालक विक्रम अपने पिता रामजीलाल बंजारा के साथ शाम को बालाजी के दर्शन करने रणथंभौर की परिधि में स्थित आंटीला बालाजी मंदिर गया था।
दोनों पिता पुत्र बालाजी के दर्शन कर वापस अपने घर बंजारा बस्ती लौट रहे थे। बालक अपने पिता का हाथ थामकर चल रहा था। तभी बालाजी मंदिर से कुछ दूरी पर ही झाड़ियों की ओट से अचानक एक तेंदुआ ने बालक पर हमला कर दिया और बालक को उसके पिता के हाथों में से छुड़ाकर जंगल की तरफ भाग गया।
लड़के के पिता रामजीलाल ने कहा कि पशु अचानक झाड़ियों से बाहर आया और मेरे बेटे को अपने जबड़ों में पकड़ लिया और उसे घसीटकर ले गया। मैं मदद के लिए चिल्लाते हुए उसके पीछे भागा। चिल्लाने की आवाज़ सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और झाड़ियों में पत्थर फेंके। तलाशी के बाद उन्हें जंगल के अंदर विक्रम का शव मिला।
पुलिस अधीक्षक अनिल बेनीवाल ने कहा कि यह तेंदुए का हमला था। रेंजर अश्विनी प्रताप सिंह ने कहा कि शाम को इलाके में तेंदुए की हलचल थी। हमने पहले ही निवासियों को सतर्क रहने को कहा था। एक गार्ड ने दिन में पहले तेंदुआ देखा था।
