World Cotton Day: दुकान में करीने से सजे कपड़ों के बीच आपकी नजर एक खूबसूरत कुर्ते पर टिकती है। हल्का आसमानी रंग, बारीक फूलों वाला प्रिंट और छूने में नरम कपड़ा। आप उसे हथेली पर रखकर देखते हैं और मन ही मन सोचते हैं कि ये ऑफिस में दिनभर पहनने के लिए अच्छा रहेगा। दुकानदार भी कह देता है- कॉटन है, गर्मी में आराम देगा। बस, खरीदारी पक्की हो जाती है।
कॉटन के सारे कपड़े आरामदायक क्यों नहीं होते, कहां होती है पहचानने में गड़बड़ (AI Image)
लेकिन अगली सुबह वही कुर्ता पहनकर घर से निकलते हैं तो अनुभव कुछ और होता है। थोड़ी देर चलने पर पीठ पर पसीना महसूस होने लगता है और कपड़ा शरीर से चिपकने लगता है। जिस कुर्ते को देखकर हल्केपन का एहसास हुआ था, वह पहनने में उतना सहज नहीं लगता।
ऐसे में सबसे पहले यही सवाल आता है कि क्या कॉटन के नाम पर कोई दूसरा कपड़ा खरीद लिया? दरअसल कई बार कपड़े में कॉटन तो होता है, लेकिन उसके साथ दूसरे फाइबर भी मिले होते हैं। कभी उसकी मोटी बुनाई, भीतर लगी अस्तर या फिटिंग आराम में फर्क डालती है।
हर साल 7 अक्टूबर को वर्ल्ड कॉटन डे मनाया जाता है। इस मौके पर अपनी अलमारी के कपड़ों को थोड़ा करीब से समझें और जानें कि उनके लेबल आपकी खरीदारी को कैसे आसान बना सकते हैं।
100% Cotton का मतलब क्या है
कुर्ते या शर्ट के भीतर लगा छोटा सफेद लेबल देखने में भले साधारण लगे, लेकिन कपड़े की असली जानकारी अक्सर वहीं मिलती है। उस पर 100% Cotton लिखा है तो इसका मतलब है कि बताए गए फैब्रिक के सभी फाइबर कॉटन हैं। अगर कॉटन के साथ कोई दूसरा फाइबर मिला है, तो उसकी जानकारी प्रतिशत के साथ दिखती है। मसलन, 60% Cotton और 40% Polyester।
हालांकि, 100% कॉटन पढ़कर यह मान लेना कि कपड़ा हमेशा पतला और हवादार होगा, सही नहीं है। अपनी अलमारी की हल्की कॉटन शर्ट और मोटी डेनिम को साथ रखकर देखिए। दोनों में कॉटन हो सकता है, फिर भी उनका वजन और पहनने का एहसास काफी अलग होगा। बुनाई और फिनिशिंग भी कपड़े की खूबियों को बदलती हैं। इसलिए लेबल पढ़ने के साथ उसकी बनावट देखना भी जरूरी है।
Cotton Blend का कॉन्सेप्ट समझें
कई कपड़ों पर बड़े अक्षरों में ‘कॉटन’ लिखा दिखाई देता है, लेकिन भीतर का लेबल देखने पर पता चलता है कि वह कॉटन ब्लेंड है। इसका मतलब है कि कॉटन के साथ कोई दूसरा फाइबर भी मिला हुआ है।
ब्लेंड अपने आप में खराब कपड़े की पहचान नहीं है। बस यह समझना जरूरी है कि आप क्या खरीद रहे हैं और उसे किस मौके पर पहनना चाहते हैं।
| लेबल पर क्या लिखा है | इसका मतलब क्या है |
|---|---|
| 100% Cotton | बताए गए फैब्रिक के सभी फाइबर कॉटन हैं |
| 60% Cotton, 40% Polyester | कपड़े में कॉटन और पॉलिएस्टर मिले हैं |
| 95% Cotton, 5% Elastane | कॉटन के साथ स्ट्रेच देने वाला फाइबर है |
| Cotton Blend | कॉटन के साथ दूसरा फाइबर मिला है; पूरा प्रतिशत देखें |
| Shell / Lining | बाहर के कपड़े और भीतर की अस्तर की जानकारी अलग है |
इस जानकारी को पढ़कर आप कपड़े की संरचना समझ सकते हैं। हालांकि, केवल कॉटन का प्रतिशत देखकर उसके आराम या क्वालिटी का पूरा फैसला नहीं किया जा सकता।
कॉटन के कपड़े में भी गर्मी क्यों लगती है
इसका जवाब ढूंढने के लिए कपड़े को सिर्फ सामने से देखने के बजाय पलटकर भी देखें। बाहर से हल्का दिखने वाले कुर्ते के अंदर पूरी अस्तर लगी हो सकती है। सामने घनी कढ़ाई या मोटे प्रिंट की परत भी हो सकती है। खरीदते समय इन हिस्सों को छूकर और पहनकर जांचें।
बुनाई पर भी नजर डालें। धागे कितने पास-पास बुने गए हैं, इससे हवा के आने-जाने में फर्क पड़ सकता है। खुली बुनाई वाले कपड़ों में हवा गुजरने की गुंजाइश ज्यादा हो सकती है। यही वजह है कि दिखने में एक जैसे दो कॉटन कपड़ों का अनुभव अलग हो सकता है।
इसके बाद बारी आती है फिटिंग की। आईने में कमर पर एकदम फिट बैठता कुर्ता अच्छा लग सकता है, लेकिन बैठने पर वही कपड़ा खिंचने लगे तो दिनभर पहनना मुश्किल होगा। ट्रायल लेते समय कुर्सी पर बैठें, हाथ ऊपर उठाएं और कुछ कदम चलें। इससे पता चलेगा कि कपड़ा आपके शरीर की हलचल के साथ कितना सहज है।
मुलायम कपड़ा क्या हमेशा कॉटन होता है
दुकान में कपड़े पर हाथ फेरना हमारी खरीदारी का जाना-पहचाना हिस्सा है। उंगलियों के नीचे चिकना और नरम एहसास आते ही हम उसकी क्वालिटी अच्छी मान लेते हैं। मगर महज कपड़े के मुलायम होने से ही यह तय नहीं होता कि कपड़ा कॉटन फाइबर से बना है।
कॉटन पर भी अलग-अलग फिनिशिंग की जाती है। कुछ तकनीकें कपड़े में सिलवटें कम करने के लिए इस्तेमाल होती हैं, जबकि कुछ उसकी नमी संभालने की क्षमता बदलती हैं। इसलिए ‘सॉफ्ट’, ‘प्रीमियम’ या ‘समर कलेक्शन’ जैसे शब्दों के साथ फैब्रिक की पूरी जानकारी भी पढ़ें।
ऑनलाइन खरीदारी में यह कदम और काम आता है। तस्वीर में लहराता हुआ कपड़ा हल्का दिख सकता है, लेकिन उसका एहसास स्क्रीन से नहीं समझ आता। ऐसे में प्रोडक्ट की फैब्रिक डिटेल, अस्तर की जानकारी और रिटर्न की सुविधा देखकर खरीदें।
Wash Care Label क्यों पढ़ना जरूरी है
पसंदीदा कुर्ते का रंग और आकार पहली धुलाई के बाद भी वैसा रहे, इसके लिए वॉश केयर लेबल पढ़ना जरूरी है। यह लेबल बताता है कि कपड़े को किस तरह धोना, सुखाना और प्रेस करना है। फैब्रिक की जानकारी और उसकी देखभाल के निर्देश अलग-अलग बातें हैं।
इसलिए हर कॉटन कपड़े को एक ही वॉश साइकिल में डालने से पहले उसके निर्देश देखें। खरीदते समय यह भी सोचें कि जिस कपड़े को खास देखभाल चाहिए, क्या आप रोजमर्रा में उसके लिए समय निकाल पाएंगे?
कपड़े खरीदते समय इन 5 बातों पर डालें नजर
अगली बार रंग और डिजाइन पसंद आ जाए, तो बिलिंग काउंटर की ओर बढ़ने से पहले कुछ मिनट इन बातों को दें।
- फैब्रिक लेबल देखें: इससे मदद मिलेगी कि कपड़े में कॉटन कितना है और उसके साथ क्या मिला है?
- कपड़ा पलटकर जांचें: भीतर अस्तर है तो वह कैसी महसूस होती है?
- वजन महसूस करें: कपड़ा आपकी जरूरत और मौसम के हिसाब से ठीक है?
- पहनकर चलें और बैठें: कहीं खिंचाव या रगड़ तो नहीं हो रही?
- धुलाई के निर्देश पढ़ें: उसकी देखभाल आपकी दिनचर्या में आसान रहेगी?
कपड़ा पसंद आने पर उसे हथेली पर फैलाकर देखिए, फिर भीतर का लेबल पढ़िए। दुकानदार से पूछिए कि इसमें कॉटन कितने प्रतिशत है? इतना-सा ठहराव उस खरीदारी में मदद कर सकता है, जिसे पहनकर आप सिर्फ अच्छे दिखें ही नहीं, दिनभर सहज भी महसूस करें।
