World Chocolate Day: रोमांस की भाषा कैसे बन गई चॉकलेट, क्यों एक बाइट से गहरा हो जाता है प्यार

World Chocolate Day 2025: आज वर्ल्ड चॉकलेट डे है। हर साल 7 जुलाई को यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2009 से हुई थी। यह दिन चॉकलेट के इतिहास, उसके स्वाद और दुनिया भर में उसके महत्व के बारे में बताने के लिए मनाया जाता है।

Chocolate and Romance: अंग्रेजी की एक कहावत है जो हम अकसर इस्तेमाल करते हैं - Love is sweet, but chocolate is sweeter (प्यार तो मीठा है लेकिन चॉकलेट से ज्यादा नहीं)। किसी को अपनी फीलिंग्स बतानी हों और शब्द कम पड़ जाएं तो वहां एक छोटी सी चॉकलेट बहुत काम आती है। चॉकलेट एक ऐसा जरिया है जो शब्दों की जगह ले सकता है। जब हम किसी से प्यार जताते हैं तो फूलों के साथ जो दूसरी सबसे आम चीज होती है, वो है – चॉकलेट। वैलेंटाइन डे पर, किसी के बर्थडे पर या सॉरी बोलना हो..एक छोटी सी चॉकलेट हमारी भावनाओं को ज़ुबान दे देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर क्यों चॉकलेट को प्यार और रोमांस से जोड़ दिया गया? इस सवाल के जवाब के लिए हमें पहले चॉकलेट के इतिहास को समझना पड़ेगा।

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चॉकलेट कैसे बन गया रोमांस की पहचान (फोटो सोर्स: AI Image)

वर्ल्ड चॉकलेट डे (फोटो सोर्स - AI Image)

चॉकलेट का इतिहास (History of Chocolate)

चॉकलेट की शुरुआत लगभग 4000 साल पहले माया और एजटेक सभ्यताओं से मानी जाती है। उस समय यह कोई मिठाई नहीं बल्कि एक तीखी और कड़वी ड्रिंक हुआ करती थी, जिसे कोको बीन्स से बनाया जाता था। यह ड्रिंक शक्तिशाली मानी जाती थी और राजा-महाराजा इसे खास मौकों पर पीते थे। एजटेक सभ्यता में इसे प्रेम और कामुकता से जोड़ा गया। कहते हैं सम्राट मोंटेज़ुमा ताकत बढ़ाने के लिए हर दिन करीब 50 कप चॉकलेट पी जाता था।

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