Don't Ask Don't Tell Relationship: किसी भी रिश्ते की उम्र इस पर निर्भर करती है कि दोनों के बीच कितना प्रेम और विश्वास है। जिस रिलेशनशिप से ये दोनों चीजें गायब हों उसका ज्यादा दिन चलना नामुमकिन है। आज कल के युवा जिन्हें हर चीज जल्दी चाहिए उनके रिश्तों में भी ठहराव बहुत कम नजर आता है। आज जितनी तेजी से रिश्ते बनते हैं उतनी ही तेजी से टूटते भी हैं। इस दौड़ भाग वाली लाइफस्टाइल में कपल्स के बीच छोटी-छोटी बातों पर भी मनमुटाव होने का खतरा बना रहता है। कुछ बातें ऐसी होती हैं जिनपर जब भी डिस्कस हो लड़ाई ही होती है। ऐसी छोटी-छोटी लड़ाइयां देखते-देखते बड़े झगड़े में तब्दील हो जाती हैं। रिश्ते की डोर घिस जाती है और नतीजा ये होता है कि एक साथ जीने और मरने की कसम खाने वाले कपल्स ब्रेकअप या डिवोर्स के साथ अपनी राहें जुदा कर लेते हैं। लेकिन ऐसे किसी खतरनाक अंजाम से बचने के लिए कपल्स रिलेशनशिप में नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। ऐसा ही एक नया प्रयोग ट्रेंड में है जिसे DADT ट्रेंड कहा जा रहा है।
What is Dont't Ask Don't Tell Relationship trend?
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क्या है DADT रिलेशनशिप (What is Dont Ask Dont Tell Trend in Relationship)
DADT का मतलब होता है डोन्ट आस्क डोन्ट टेल, मतलब कि ना पूछो ना बताओ। कपल्स के बीच यह ट्रेंड काफी पॉपुलर है। रिलेशनशिप के इस DADT ट्रेंड की आत्मा है प्राइवेसी और पर्सनल स्पेस। दरअसल कपल्स के बीच में अकसर इस तरह की शिकायत रहती है कि वो एक दूसरे का पर्सनल स्पेस या प्राइवेसी छीन रहे हैं। जाने-अनजाने पार्टनर्स एक दूसरे से ऐसी बातें करते या पूछते हैं जिसमें सामने वाला कम्फर्टेबल नहीं होता। इन्हीं सब मुसीबतों से छुटकारे के लिए कपल्स इस 'ना पूछो ना बताओ' के ट्रेंड को रिलेशनशिप में फॉलो कर रहे हैं। इस ट्रेंड में कपल्स एक दूसरे से वह बातें शेयर नहीं करते जो वह नहीं करना चाहते। कपल्स एक दूसरे की प्राइवेसी का पूरा ख्याल रखते हैं।
DADT कपल्स के बीच एक तरह का समझौता होता है। कपल्स आपसी सहमति से ये तय कर लेते हैं कि किस बात पर वो एक दूसरे से सवाल नहीं करेंगे और ना ही दखल देंगे। इससे दोनों की निजता भंग नहीं होती है। ना तो जबरदस्ती की लड़ाई होती है। इस तरह के समझौते में ज्यादातर इस बात पर सहमति बनती है कि हम किसे डेट कर रहे थे या कर रहे हैं।
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क्यों युवाओं का भा रहा है ये Don't Ask Don't Tell ट्रेंड
कुछ कपल्स का मानना है कि रिश्ते की मजबूती के लिए कुछ बातों पर बात ना करना ही बेहतर होता है। वहीं कुछ कपल्स ऐसे भी होते हैं जो चाहते हैं कि उनके रिश्ते में सबकुछ एकदम क्लियर न हो। वो सोचते हैं कि कुछ बातें छिपी रहें तो ही बेहतर है। ऐसे में वे एक दूसरे से यह नहीं पूछते कि वे किसी और से मिल रहे हैं या नहीं और अगर कोई ऐसा कर रहा है तो वह दूसरे को नहीं बताता। ऐसा कर के वह एक दूसरे के पर्सनल स्पेस और प्राइवेसी का सम्मान कर सकते हैं।
दूसरा ये कि जब कपल्स को पता रहता है कि किस बात पर उनका रिश्ता खराब हो सकता है तो वह उन बातों के जिक्र से पूरी तरह बचने की कोशिश करते हैं। ऐसे कपल्स के लिए रिलेशनशिप का यह नया ट्रेंड किसी वरदान की तरह है। इस 'डोंट आस्क, डोंट टेल' रिलेशनशिप से वे एक-दूसरे की आजादी को बनाए रख सकते हैं और साथ ही अपने रिश्ते को भी बचा सकते हैं। वे ट्रांसपेरेंसी से ज्यादा अपनी प्राइवेसी और रिश्ते की खुशी को महत्व दे सकते हैं। इसी कारण से रिलेशनशिप का यह नया ट्रेंड ना पूछो ना बताओ युवाओं को पसंद आ रहा है।
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Dont Ask Dont Tell ट्रेंड के फायदे (Benefits of DADT Relationship)
'ना पूछो ना बताओ' ट्रेंड के कई फायदे हैं। इस ट्रेंड में ना सिर्फ पार्टनर्स एक दूसरे की निजता और आजादी का ख्याल रखते हैं बल्कि अपने रिश्ते की उम्र भी लंबी कर सकते हैं। आइए डालते हैं इस ट्रेंड के फायदों पर एक नजर:
1. कलह से रहते हैं दूर: जब आप पार्टनर से उन बातों पर जिक्र नहीं करते जो उन्हें नापसंद है तो ऐसा करके आप संभावित कलह को दूर रखते हैं। कलह दूर रहने का नतीजा ये होता है कि कपल्स के बीच प्यार बढ़ता है।
2. बनी रहती है गर्मजोशी: यह ट्रेंड रिश्तों की गर्मजोशी को भी बनाए रखता है। दरअसल जब आप एक दूसरे के पर्सनल स्पेस का ध्यान रखते हैं तो हमेशा रिश्ता नया सा बना रहता है। आप एक दूसरे के और करीब आते हैं।
3. खुले रखता है विकल्प: अगर आप किसी रिश्ते में बंध कर नहीं रहना चाहते तो यह ट्रेंड आपको सुविधा देता है कि आप रिश्ते में रहते हुए दूसरे विकल्प की तलाश कर सकते हैं। आप संभावित साथी के साथ समय बिता सकते हैं ताकि आप उसके बारे में समझ सकें। ये सब करते हुए आपको इस बात का तनाव नहीं रहता कि आपका मौजूदा पार्टनर क्या सोचेगा।
4. बढ़ती है रिश्ते की उम्र : रिलेशनशिप के इस नए ट्रेंड की सबसे खास बात ये है कि आपके रिश्ते की उम्र बढ़ा देता है। कपल्स अपने रिश्ते को बिना किसी लड़ाई-झगड़े और आपसी मनमुटाव के लंबा चला सकते हैं।
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'ना पूछो ना बताओ' ट्रेंड के नुकसान (Cons of DADT Relationship)
जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी तरह से ना पूछो ना बताओ ट्रेंड के भी फायदे के साथ ही कुछ नुकसान भी हैं। यह तरीका हर किसी के लिए है भी नहीं। इस ट्रेंड का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि जब पार्टनर्स अपनी निजी ज़िंदगी को एक दूसरे संग साझा नहीं करते तो वह रिश्ते में भावनात्मक दूरी होने का खतरा भी पैदा करता है।
बातें ना पूछना और ना बताना कई बार अविश्वास को जन्म दे सकता है जो किसी भी रिलेशनशिप के लिए बेहद खतरनाक है। इस तरह के ट्रेंड में प्राइवेसी और पर्सनल स्पेस का इतना ख्याल रखते हैं कि कई बार कपल्स एक-दूसरे से ज्यादा बात भी नहीं कर पाते हैं। इस कारण वह धीरे-धीरे एक दूसरे से कटा हुआ महसूस करने लगते हैं और दूर हो जाते हैं।
