सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वर्ड काफी चर्चा में है और ये शब्द है बाथरूम कैंपिंग। ये न्यू ट्रेंड Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी के बीच काफी पॉपुलर है। ये अनोखा तरीका Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी को खुद को शांत रखने में मदद कर रहा है। चलिए जानते हैं क्या है बाथरूम कैंपिंग।
क्या है बाथरूम कैंपिंग (Image Source: istock)
क्या है बाथरूम कैंपिंग
बाथरूम कैंपिंग का इस्तेमाल तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर बाथरूम में लंबे समय तक रहता है ताकि वह अपने आस-पास के लोगों के साथ सामाजिक बातचीत से बच सके। जब काम का प्रेशर फील होने लगे या भीड़ से बचने से बचने के लिए तो यंगस्टर्स बाथरूम में जाकर मोबाइल पर म्यूज़िक सुनते हैं या फिर मोबाइल यूज करते हैं ताकि माइंट को रिलैक्स किया जा सके। इसे सोशल मीडिया पर लोग बाथरूम कैंपिंग कहा जा रहा है।
क्यों युवाओं के बीच बढ़ रहा बाथरूम कैंपिंग का क्रेज
युवाओं के बीच 'बाथरूम कैंपिंग' का क्रेज बढ़ने के कई कारण हैं। यह एक नया ट्रेंड है, खासकर Gen Z (1997 से 2012 के बीच जन्मे लोग) में, जिसमें लोग बिना किसी खास ज़रूरत के घंटों तक बाथरूम में बैठे रहते हैं। यह एक तरह से तनाव से बचने और शांति पाने का तरीका है।
इसके पीछे के मुख्य कारण
ओवरस्टिम्यूलेशन और तनाव
आज की दुनिया बहुत तेज़-तर्रार है। सोशल मीडिया, लगातार काम करने और सामाजिक दबाव के कारण युवा अक्सर मानसिक रूप से थक जाते हैं। बाथरूम एक ऐसी जगह है, जहां वे इन सब से कुछ समय के लिए दूर हो सकते हैं। जिस वजह से युवा बाथरूम कैंपिंग कर रहे।
प्राइवेसी और अकेलापन
बाथरूम को एक निजी और सुरक्षित जगह माना जाता है, जहां कोई भी आसानी से दखल नहीं देता। जब घर या काम की जगह पर अकेलापन नहीं मिलता, तो युवा कुछ समय के लिए बाथरूम में जाकर खुद को अलग महसूस करते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता
युवा पीढ़ी अपने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ज़्यादा जागरूक है। वे तनाव, बेचैनी और ओवरथिंकिंग को गंभीरता से लेते हैं। बाथरूम कैंपिंग को कुछ लोग 'सेल्फ-केयर' का एक तरीका मानते हैं, जिससे वे अपने विचारों को शांत कर सकें।
