Top Bollywood Songs: पार्टी फंक्शन हो या कोई भी जश्न का माहौल, गानों के बिना जश्न अधूरा सा लगता है। सॉन्गस बजते ही लोग थिरकने लगते हैं। इन दिनों बॉलीवुड में रैप सॉन्ग का ट्रेंड चला हुआ है। लेकिन कुछ गाने ऐसे है जिनके बिना जश्न का माहौल बिल्कुल फीका रह जाता है। आसान भाषा में कहें तो कुछ बॉलीवुड सॉन्गस ऐसे हैं जिन्हें सदाबहार गाना कहा जाता है। रैंप सॉन्ग हो या फिर सैड सॉन्ग 50's और 70's के गानों आज भी कोई तोड़ नहीं है। हर घर के फंक्शन में आपको 50's और 70's के गानें सुनने को मिल ही जाते होंगे। इन गानों के अंतरे से लेकर मुखरे तक में मायने छिपे होते है। इसलिए इन गानों को सदाबहार सॉन्गस कहा जाता है। इन गानों को जब आपके फेवरेट स्टार्स पर फिल्माया गया हो तो ये सोने पर सुहागा वाली बात हो जाती है। इसलिए आपने देखा होगा धर्मेंद्र और मनोज कुमार के गानों का जलवा आज भी बरकरार है। इसी कड़ी में आज हम आपको बॉलीवुड के 5 सदाबहार गानों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें सुन आज भी आपका थिरकने और गुनगुनाने का मन करेगा। यहां देखें गानों की लिस्ट।
ये हैं बॉलीवुड के सदाबहार गाने
फिल्म: शोर, 1972
गाना: एक प्यार का नगमा है…
साल 1972 में रिलीज हुई फिल्म शोर का गाना एक प्यार का नगमा है अपने जमाने का सुपरहिट सॉन्ग है। इस सॉन्ग को मिलेनियम सॉन्ग का खिताब भी दिया गया था। इस गानें को संतोष आनंद द्वारा लिखा गया था और इस सॉन्ग का म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारे लाल ने दिया था। वहीं इस गानें को मुकेश और लता मंगेश्कर ने अपनी आवाज से तराशा था।
फिल्म: श्री 420, 1955
गाना: प्यार हुआ इकरार हुआ है…
फिल्म श्री 420 के इस गाने को लता मंगेशकर और मन्ना डे गाया था। शैलेंद्र द्वारा लिखे इस सॉन्ग का जलवा आज भी बरकरार है।
फिल्म: कभी कभी, 1976
गाना: कभी कभी मेरे दिल में…
कभी कभी मेरे दिल में सॉन्ग में राखी और अमिताभ बच्चन ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था। वहीं इस गानें को मुकेश और लता मंगेशकर ने गाया था।
फिल्म: लोफर, 1973
गाना: आज मौसम बड़ा बेईमान है…
साल 1973 में आई फिल्म लोफर के सॉन्ग आज मौसम बड़ा बेईमान है को आनंद बख्शी ने लिखा था। वहीं इस गाने को लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने संगीत दिया था। इस गाने को मोहम्मद रफी ने गाया था।
फिल्म: अराधना, 1969
गाना: मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू…
फिल्म अराधना का सॉन्ग आज भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है। ये गाना आपको हर फंक्शन में सुनने को मिल जाता होगा। इस गाने को आनंद बख्शी साहब ने लिखा था और एसडी बर्मन साहब ने इस गाने को संगीत दी थी।
