Swami Vivekanand Ke Prerak Prasang: जीवन जीने की नया मार्ग दिखातें हैं स्वामी विवेकानंद के ये प्रेरक प्रसंग

Swami Vivekanand Ke Prerak Prasang (स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग): स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवाओं में दुनिया में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता है। स्वामी विवेकानंद की जयंती को हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Swami Vivekanand Ke Prerak Prasang (स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग): हर साल भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day) 12 जनवरी को मनाया जाता है। ये विशेष दिन स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो एक महान विचारक, दार्शनिक और युवा प्रतीक थे। साल 1984 में भारत सरकार ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और दर्शन का सम्मान करने के लिए 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस घोषित किया था। राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं को अपनी ऊर्जा को सकारात्मक रूप से प्रसारित करने के लिए सशक्त बनाने के स्वामी विवेकानन्द के दृष्टिकोण की याद दिलाता है। स्वामी विवेकानंद का जीवन अद्भुत घटनाओं से भरा है। इसी को लेकर आज हम आपके साथ स्वामी विवेकानंद के जीवन के 4 दिलचस्प प्रसंग (Swami Vivekananda Inspiring Incidents) आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

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Swami Vivekanand Ke Prerak Prasang: स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग।

स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग (Swami Vivekananda Ke Prerak Prasang)

1. जब स्वामी विवेकानंद अमेरिका में थे, तब कुछ लड़के पुल पर खड़े होकर पानी में तैर रहे अंडे के छिलकों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। वे लगभग हर कोशिश में असफल रहे। विवेकानंद उन्हें दूर से देख रहे थे, वे उनके करीब गए और बंदूक उठाई और 12 बार फायर किया। हर बार जब उन्होंने फायर किया, तो वह अंडे के छिलके पर लगा। जिज्ञासु लड़कों ने उससे पूछा कि उन्होंने ये कैसे किया? उन्होंने उत्तर दिया, आप जो भी कर रहे हैं, अपना पूरा दिमाग उस पर लगाएं। अगर आप शूटिंग कर रहे हैं, तो आपका दिमाग केवल लक्ष्य पर होना चाहिए। फिर आप कभी नहीं चूकेंगे।

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