शेरी भोपाली: आगरा में जन्मा वो भोपाली शायर जो ताउम्र दिल्ली को मानता रहा शायरी की मां

Sheri Bhopali: शेरी भोपाली का असली नाम मोहम्मद असगर खान था। उनका जन्म 1914 में आगरा में हुआ, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से भोपाल से जुड़ा था।

Sheri Bhopali: भोपाल की पहचान महज उशके झीलों और नवाबी तहजीब से नहीं है। उसकी अदबी विरासत भी उतनी ही समृद्ध रही है। इसी विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले शायरों में एक नाम शेरी भोपाली का भी है। उनकी शायरी में मोहब्बत, तन्हाई और जिंदगी के एहसास बड़ी सादगी के साथ उतरते हैं। यही वजह है कि आज भी उनके शेर मुशायरों और अदबी महफिलों में उसी शिद्दत से पढ़े जाते हैं।

Sheri Bhopali

शोरी भोपाली

आगरा में जन्म, लेकिन दिल हमेशा भोपाल का रहा

शेरी भोपाली का असली नाम मोहम्मद असगर खान था। उनका जन्म 1914 में आगरा में हुआ, लेकिन उनका परिवार मूल रूप से भोपाल से जुड़ा था। शायरी की दुनिया में उन्होंने 'शेरी' तखल्लुस अपनाया और इसी नाम से मशहूर हुए। उन्होंने उर्दू के जाने-माने शायर मेल संदेलवी से शायरी की बारीकियां सीखीं, जबकि ज़की वारसी की शैली का भी उन पर गहरा असर रहा।

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