Sharad Purnima 2024 Wishes Images in Sanskrit: मनोकामनाएं पूरी करेंगी मां लक्ष्मी, अपनों को भेजें शरद पूर्णिमा का हार्दिक शुभकामना संदेश, मंत्र और श्लोक संस्कृत में

Sharad Purnima 2024 Wishes Images in Sanskrit,शरद पूर्णिमा शरद पूर्णिमायाः शुभाशयाः kojagiri Ki Hardik Shubh Shubhkamnaye: शरद पूर्णिमा के दिन लोग एक दूसरे को इस खास महत्व वाले पर्व की शुभकामनाएं भी देते हैं। अगर आप भी इस बार कुछ खास तरह से शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो हम आपकी मदद कर रहे हैं। यहां देखें शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं, श्लोक और मंत्र संस्कृत में:

Sharad Purnima 2024 Wishes Images in Sanskrit,शरद पूर्णिमा शरद पूर्णिमायाः शुभाशयाः kojagiri Ki Hardik Shubhkamnaye: इस साल देशभर में 16 अक्टूबर यानी आज शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। इस पर्व का हिंदू धर्म में खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान से मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बंगाली समुदाय में शरद पूर्णिमा के दिन की जाने वाली लक्ष्मी पूजा को कोजागरी लक्ष्मी पूजा कहते हैं। इस दिन देवी मां को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी लक्ष्मी के विभिन्न मंत्रों का जाप लाभदायी होता है। शरद पूर्णिमा के दिन लोग एक दूसरे को इस खास महत्व वाले पर्व की शुभकामनाएं भी देते हैं। अगर आप भी इस बार कुछ खास तरह से शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो हम आपकी मदद कर रहे हैं। यहां देखें शरद पूर्णिमा की शुभकामनाएं, श्लोक और मंत्र संस्कृत में:

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Sharad Purnima 2024 Wishes Images in Sanskrit,शरद पूर्णिमा शरद पूर्णिमायाः शुभाशयाः kojagiri Ki Hardik Shubh Shubhkamnaye

क्रमांकशुभकामनाएं / श्लोक
1शरदपूर्णिमायाः शुभाशयाः!
2दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम्। नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्।
3ॐ क्षिरा पुत्राय विधमहे, अमृतथवाय धीमही तन्नो चंद्र प्रचोदयात।
4करसरोरुहं कान्त कामदं शिरसि धेहि नः श्रीकरग्रहम।
5श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।
6चवक्त्र: कराग्रै: स्वैर्दशभिश्चैव धारयन्। अभयं प्रसादं शक्तिं शूलं खट्वाङ्गमीश्वर:।
7ऊं यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन धान्याधिपतये धन धान्य समृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा।
8ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्मीयै ह्रीं सिद्धये मम गृहे आगच्छागच्छ नमः स्वाहा।
9ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात।
10ॐ सर्वबाधा विर्निमुक्तो धनधान्यसुतान्वित:, मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय:।

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