Shakeel Badayuni Poetry, Shayari: फनकारी की दुनिया में शकील बदायूनी का नाम सुरहरे अक्षरों में दर्ज है। वह उर्दू के प्रसिद्ध शायर और गीतकार थे। बॉलीवुड के मशहूर गीतकार थे। शकील बदायूनी ने अपनी रचनाओं में प्रेम, विरह और सौंदर्य के भावों का ऐसे अनोखे ढंग से पेश किया कि पढ़ने-सुनने वाला बस उसी में खो कर रह गया। उन्होंने फिल्मों के लिए भी खूब लिखे। उनके लिखे गीतों को मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर, आशा भोंसले जैसे मशहूर गायकों ने अपनी आवाज देकर सम्मानित किया। शकील बदायूनी को समझना हो तो उनके लिखे शेरों से समझा जा सकता है। यहां देखें शकील बदायूनी के चंद चुनिंदा शेर:
Shakeel Badayuni Poetry, Shakeel Badayuni famous Shayari in Hindi
Shakeel Badayuni Shayari in Hindi
1. ऐ मोहब्बत तिरे अंजाम पे रोना आया
जाने क्यूँ आज तिरे नाम पे रोना आया
2. ये ख़ुनुक ख़ुनुक हवाएं ये झुकी झुकी घटाएं
वो नज़र भी क्या नज़र है जो समझ न ले इशारा
3. इक शहंशाह ने बनवा के हसीं ताज-महल
सारी दुनिया को मोहब्बत की निशानी दी है
Shakeel Badayuni Poetry in Urdu
4. कांटों से गुज़र जाता हूं दामन को बचाकर
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूं
5. काफ़ी है मिरे दिल की तसल्ली को यही बात
आप आ न सके आप का पैग़ाम तो आया
6. ऐ इश्क़ ये सब दुनिया वाले बेकार की बातें करते हैं
पायल के ग़मों का इल्म नहीं, झंकार की बातें करते हैं
Shakeel Badayuni Poetry in Hindi
7. कोई ऐ 'शकील' पूछे ये जुनूँ नहीं तो क्या है
कि उसी के हो गए हम जो न हो सका हमारा
8. कैसे कह दूं कि मुलाक़ात नहीं होती है
रोज़ मिलते हैं मगर बात नहीं होती है
9. उन का ज़िक्र उन की तमन्ना उन की याद
वक़्त कितना क़ीमती है आज कल
10. कल रात ज़िंदगी से मुलाक़ात हो गई
लब थरथरा रहे थे मगर बात हो गई
Shakeel Badayuni Ghazal
11. उन्हें अपने दिल की ख़बरें मिरे दिल से मिल रही हैं
मैं जो उन से रूठ जाऊँ तो पयाम तक न पहुँचे
12. न पैमाने खनकते हैं न दौर-ए-जाम चलता है
नई दुनिया के रिंदों में ख़ुदा का नाम चलता
13. जाने वाले से मुलाक़ात न होने पाई
दिल की दिल में ही रही बात न होने पाई
Shakeel Badayuni ki Shayari
14. कोई दिलकश नज़ारा हो कोई दिलचस्प मंज़र हो
तबीअत ख़ुद बहल जाती है बहलाई नहीं जाती
15. उन्हें अपने दिल की ख़बरें मेरे दिल से मिल रही हैं
मैं जो उनसे रूठ जाऊं तो पयाम तक न पहुंचे
16. गुलशन हो निगाहों में तो जन्नत न समझना
दम-भर की इनायत को मोहब्बत न समझना
17. माना वो मुझे अपनी निगाहों से गिरा दें
लेकिन मेरे एहसास को ठुकरा नहीं सकते
बता दें कि हिंदी फिल्मों में गीतकारी के लिए शकील बदायूनी को तीन बार फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुका था। साल 1963 में भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। अपनी रचनाओं और गीतों से हमेशा के लिए अमर हो जाने वाले शकील बदायूनी 20 अप्रैल 1970 को इस दुनिया को अलविदा कह गए थे।
