भारत के कई राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाने वाला Satuan पर्व गर्मियों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व खासतौर पर सूर्य के मेष राशि में प्रवेश (मेष संक्रांति) के समय मनाया जाता है। इस दिन लोग सत्तू, आम और ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं ताकि शरीर को गर्मी से राहत मिल सके।
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सतुआन पर्व का मुख्य उद्देश्य शरीर को ठंडा रखना और प्राकृतिक तरीके से सेहत का ध्यान रखना है। पुराने समय में जब एसी और कूलर नहीं होते थे, तब लोग सत्तू जैसे पौष्टिक आहार से गर्मी को मात देते थे। सतुआन पर्व और सत्तू दोनों ही भारतीय परंपरा और सेहत का बेहतरीन मेल हैं। इस आसान Satuani Recipe को अपनाकर आप न सिर्फ स्वाद का आनंद ले सकते हैं, बल्कि गर्मियों में खुद को स्वस्थ और तरोताजा भी रख सकते हैं।
सतुआन कब मनाया जाएगा
सतुआन का त्योहार इस साल 14 अप्रैल 2026, दिन मंगलवार को मनाया जाएगा।
गर्मियों में सत्तू का महत्व
Sattu एक देसी सुपरफूड है, जो भुने हुए चने से बनाया जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा भी बनाए रखता है। यही कारण है कि सतुआन पर्व पर इसका खास महत्व होता है।
सतुआनी कैसे बनाते हैं
सामग्री
सत्तू – 2 बड़े चम्मच
ठंडा पानी – 1 गिलास
नमक – स्वादानुसार
भुना जीरा पाउडर – ½ चम्मच
नींबू का रस – 1 चम्मच
कटा प्याज और हरी मिर्च (वैकल्पिक)
बनाने की विधि
- सबसे पहले एक गिलास में सत्तू डालें और उसमें थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें ताकि गुठलियां न रहें।
- अब इसमें नमक, भुना जीरा और नींबू का रस डालें।
- अगर आप चटपटा स्वाद पसंद करते हैं, तो इसमें प्याज और हरी मिर्च भी मिला सकते हैं।
- सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें और ठंडा-ठंडा सर्व करें।
मीठी सतुआनी कैसे बनाएं
अगर आपको मीठा पसंद है, तो नमक की जगह आप सतुआनी में गुड़ या चीनी मिला सकते हैं। साथ ही साथ आप इसमें इलायची डालकर मीठी सतुआनी भी बना सकते हैं।
सतुआन के दिन और क्या क्या खाते हैं
सतुआन (सतुआन मेष संक्रांति) के दिन सिर्फ सत्तू ही नहीं, बल्कि कई ठंडक देने वाले और पारंपरिक भोजन खाए जाते हैं। इस दिन पर आम, दही चूड़ा, गुड़, ठंडा बेल शरबत, ककड़ी, खीरा आदि खाया जाता है।
