Sarhad Shayari in Hindi (सरहद पर शायरी): सरहद, यानी देश की सीमा, वह रेखा है जो एक राष्ट्र को दूसरे से अलग करती है। यह न केवल भौगोलिक रेखा है, बल्कि सैनिकों के बलिदान, देशभक्ति और सुरक्षा का प्रतीक भी है। भारत की सरहदों पर तैनात सैनिक हर पल देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह कड़ाके की ठंड हो या रेगिस्तान की गर्मी। उनका जीवन बेहद चुनौतीपूर्ण है। वे परिवार से दूर कठिन परिस्थितियों में दिन-रात ड्यूटी करते हैं। उनकी वीरता, शहादत और बलिदान की कहानियां हमें प्रेरित करती हैं। हालांकि, सरहदें सिर्फ दो देशों को बांटने का काम ही नहीं करती हैं। यह शांति और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रतीक हो सकती हैं। इसी सरहद पर देश दुनिया के ना जाने कितने ही शायरों ने काफी कमाल के शेर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं सरहत पर लिखे चंद शेर:
सरहद शायरी अन हिंदी
1. मोहब्बत की तो कोई हद, कोई सरहद नहीं होती
हमारे दरमियान ये फ़ासले, कैसे निकल आए
- ख़ालिद मोईन
2. उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता
जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आँखें
- अज्ञात
3. सरहदें अच्छी कि सरहद पे न रुकना अच्छा
सोचिए आदमी अच्छा कि परिंदा अच्छा
- इरफ़ान सिद्दीक़ी
4. रौशनी बांटता हूं सरहदों के पार भी मैं
हम-वतन इस लिए ग़द्दार समझते हैं मुझे
- शाहिद ज़की
5. शहर-ए-लाहौर से कुछ दूर नहीं है देहली
एक सरहद है किसी वक़्त भी मिट सकती है
- अज्ञात
6. जैसे दो मुल्कों को इक सरहद अलग करती हुई
वक़्त ने ख़त ऐसा खींचा मेरे उस के दरमियान
- मोहसिन ज़ैदी
7. हमारा ख़ून का रिश्ता है सरहदों का नहीं
हमारे ख़ून में गंगा भी चनाब भी है
- कंवल ज़ियाई
8. सरहदें रोक न पाएंगी कभी रिश्तों को
खुशबुओं पर न कभी कोई भी पहरा निकला
- अज्ञात
9. दिलों के बीच न दीवार है न सरहद है
दिखाई देते हैं सब फ़ासले नज़र के मुझे
- ज़फ़र सहबाई
10. ज़मीं को ऐ ख़ुदा वो ज़लज़ला दे
निशां तक सरहदों के जो मिटा दे
- परवीन कुमार अश्क
11. शब के सन्नाटे में ये किस का लहू गाता है
सरहद-ए-दर्द से ये किस की सदा आती है
- अली सरदार जाफ़री
12. कुछ तो हो रात की सरहद में उतरने की सज़ा
गर्म सूरज को समुंदर में डुबोया जाए
- शाहिद कबीर
13. सरहद-ए-ग़ैब तक तुझे साफ़ मिलेंगे नक़्श-ए-पा
पूछ न ये फिरा हूं मैं तेरे लिए कहां कहां
- फ़िराक़ गोरखपुरी
बता दें कि सरहद हमें एकता, साहस, और देशप्रेम की सीख देती है। यह हमें याद दिलाती है कि आज़ादी की कीमत सैनिकों के बलिदान से चुकाई जाती है। अगर आपको सरहद पर लिखे ये शेर पसंद आए हों तो आप इन्हें अपनों के साथ साझा भी कर सकते हैं।
