Pohela Boishakh 2023: नई शुरुआत और खुशियों का प्रतीक है पोहेला बोइशाख, देखें बांग्ला नववर्ष की Date, History and Importance

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated Apr 14, 2023, 06:33 PM IST

Pohela Boishakh 2023 History and Importance: बंगाली समुदाय के लोग हर साल अप्रैल के महीने में बांग्ला नववर्ष का उत्सव मनाते हैं। इस साल पोहेला बोइशाख का त्योहार झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम जैसे राज्यों में 15 अप्रैल को मनाया जाएगा। बंगाली संस्कृति, हेटिरेज का प्रतीक इस दिन का इतिहास बहुत ही खास है, यहां देखें पोहेला बोइशाख का महत्व, इतिहास और अन्य जरूरी बातें।

Pohela Boishakh 2023 History and Importance: भारत विभिन्न तरह के धर्म और जाति से संबंध रखने वाले लोगों का घर है, जहां हर समुदाय के लोग मिलकर त्योहारों की खुशियां बड़ी ही धूम धाम से मनाया करते हैं। ऐसा ही त्योहार पोहेला बोइशाख (Pohela Boishakh) भी है, जिसे मुख्य तौर पर बंगाली समुदाय से ताल्लुक रखने वाले लोग (Bengali New Year) बड़े ज़ोरो-शोरों से मनाते हैं। पोहेला बोइशाख बंगाली नववर्ष का दूसरा नाम है, जिसे बांग्लादेश और भारत के झारखंड, त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल आदि जैसे राज्यों में सेलिब्रेट किया जाता है जहां बंगाली भाषी लोग रहते हैं।

Pohela Boishakh, Bengali New Year, Pohela Boishakh history and importance (1)

Pohela Boishakh 2023 see why Pohela Boishakh is celebrated know importance history and significance of Bengali new year

वैसे तो आमतौर पर बंगाली कैलेन्डर के हिसाब से पोहेला बोइशाख का त्योहार 14 अप्रैल की तिथि पर ही पड़ता है। मगर इस साल बांग्ला नववर्ष का त्योहार 15 अप्रैल की तारीख पर मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस त्योहार की शुरुआत मुगल शासन काल के आस पास हुई थी, वहीं इसका रविंद्रनाथ टैगोर समेत अन्य बंगाली भाषी महान पुरुषों से भी गहरा संबंध है। यहां देखें आखिर क्यों अप्रैल के महीने में मनाया जाता है, पोहेला बोइशाख का त्योहार साथ ही यहां जाने इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी सभी जरूरी एवं दिलचस्प बातें।

End of Feed