खिलाने के चक्कर में बच्चों संग ना करें सख्ती, जानिए मीरा राजपूत की 'नो-रूल्स' फूड फिलॉसफी

मीरा का मानना है कि बच्चों को यह समझ में आना चाहिए कि वे क्या खा रहे हैं और वह भोजन उनके शरीर के लिए क्यों जरूरी है।

बच्चों को सही पोषण देना पेरेंट्स के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। इसी कारण कई बार माता-पिता बच्चों के खाने पर सख्त नियम लागू कर देते हैं। इसके उलट, मशहूर सेलिब्रिटी और शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत का मानना है कि बच्चों के लिए अच्छा पोषण कठोर नियमों का मोहताज नहीं है। मीरा ने बच्चों के खान-पान को लेकर अपनी 'नो-रूल्स' फूड फिलॉसफी शेयर की है, जिसका मकसद बच्चों में भोजन के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाना है।

mira Kapoor

बच्चों के लिए मीरा राजपूत ने अपनाई नो-रूल्स फूड फिलॉसफी

क्या है मीरा राजपूत की 'नो-रूल्स' फूड फिलॉसफी?

मीरा राजपूत के अनुसार, जब आप बच्चों पर खाने को लेकर बहुत अधिक बंदिशें लगाते हैं, तो भोजन उनके लिए पोषण के बजाय तनाव का कारण बन जाता है। उनकी 'नो-रूल्स' फिलॉसफी का मतलब यह नहीं है कि बच्चों को अनहेल्दी खाना खाने दिया जाए, बल्कि इसका अर्थ यह है कि खाने की टेबल पर किसी भी तरह का मानसिक दबाव न हो।

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