Office Coffee Health Impacts: ऑफिस में काम करते-करते दोपहर होते-होते आंखें भारी होने लगती हैं, ध्यान भटकने लगता है और शरीर सुस्त महसूस होने लगता है। ऐसे में ज्यादातर लोग बिना ज्यादा सोचे एक कप कॉफी बना लेते हैं। कुछ देर के लिए ताजगी भी महसूस होती है, इसलिए दिन में दूसरी, तीसरी और कभी-कभी चौथी कॉफी भी पी ली जाती है। लेकिन क्या यह आदत वास्तव में थकान दूर करती है या सिर्फ कुछ समय के लिए उसे छिपा देती है? वैज्ञानिकों और हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कॉफी सही मात्रा और सही समय पर पी जाए तो फोकस और सतर्कता बढ़ाने में मदद कर सकती है। वहीं जरूरत से ज्यादा या गलत समय पर पी गई कॉफी नींद, ऊर्जा और मानसिक स्वास्थ्य पर उल्टा असर भी डाल सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कॉफी आपके शरीर के साथ क्या करती है और इसे समझदारी से कैसे पिया जाए।
क्या ऑफिस कॉफी बनती है ज्यादा थकान की वजह
कॉफी आपको एनर्जी नहीं देती
कई लोगों को लगता है कि कॉफी शरीर में नई ऊर्जा पैदा करती है, जबकि ऐसा नहीं है। कॉफी में मौजूद कैफीन दिमाग में बनने वाले एडेनोसिन (Adenosine) नाम के रसायन के असर को कुछ समय के लिए रोक देती है। यही रसायन दिनभर की गतिविधियों के बाद शरीर को आराम और नींद का संकेत देता है। जब कैफीन इसका असर कम करती है, तो आपको नींद कम महसूस होती है और फोकस बेहतर लगता है। इसलिए कॉफी असली थकान को खत्म नहीं करती, बल्कि कुछ समय के लिए उसका एहसास कम कर देती है। अगर शरीर को वास्तव में आराम या नींद की जरूरत है, तो सिर्फ कॉफी पीने से वह कमी पूरी नहीं होगी।
कॉफी नहीं उसे पीने का तरीका ज्यादा मायने रखता है
अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद के सीनियर कंसल्टेंट (डाइजेस्टिव डिजीज, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी और हेपेटोलॉजी) डॉ. महेंद्र सिंह राजपूत कहते हैं कि कॉफी को अक्सर बिना वजह सेहत का दुश्मन मान लिया जाता है, जबकि असली चिंता कॉफी नहीं, बल्कि उसकी मात्रा, उसमें मिलाई जाने वाली चीनी और यह है कि उसकी वजह से आप पानी या पौष्टिक भोजन तो नहीं छोड़ रहे।
डॉ. राजपूत बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में प्रकाशित कई वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि रोजाना लगभग दो कप बिना ज्यादा चीनी वाली कॉफी लिवर के लिए फायदेमंद हो सकती है। यह लिवर एंजाइम्स को बेहतर रखने, लिवर फाइब्रोसिस की रफ्तार धीमी करने और कुछ मामलों में सिरोसिस तथा लिवर कैंसर के खतरे को कम करने से जुड़ी पाई गई है। हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ज्यादा कॉफी पीने से ज्यादा फायदा होगा।
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कॉफी पीने के बाद 'कैफीन क्रैश' क्यों महसूस हो सकता है
अगर दिनभर में हर थोड़ी देर बाद कॉफी पीने की आदत बन जाए, तो शुरुआत में तो ताजगी महसूस होती है, लेकिन कुछ समय बाद अचानक सुस्ती या थकान लौट सकती है। इसे आम भाषा में 'कैफीन क्रैश' कहा जाता है। इसका मतलब यह नहीं कि कॉफी नुकसानदायक है, बल्कि कैफीन का असर खत्म होने के बाद शरीर अपनी सामान्य स्थिति में लौटने लगता है। अगर इस दौरान आपने पर्याप्त पानी नहीं पिया, ठीक से खाना नहीं खाया या पिछली रात नींद पूरी नहीं हुई, तो थकान और ज्यादा महसूस हो सकती है। ऐसे में एक और कप कॉफी पीने का मन करता है और धीरे-धीरे यह आदत बन सकती है।
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कॉफी कब तक पीनी चाहिए
बहुत कम लोग जानते हैं कि कैफीन शरीर से तुरंत बाहर नहीं निकलती। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी औसत Half-life लगभग 5 से 6 घंटे होती है। यानी अगर आपने दोपहर 3 बजे एक कप कॉफी पी है, तो रात 8-9 बजे तक भी उसका लगभग आधा असर शरीर में मौजूद रह सकता है। यही वजह है कि कई लोगों को रात में नींद आने में परेशानी होती है, जबकि उन्हें लगता है कि उन्होंने तो कॉफी काफी पहले पी थी। अगर आपको जल्दी सोना होता है या नींद की समस्या रहती है, तो सोने से कम से कम 6 से 8 घंटे पहले कैफीन लेना बंद करना बेहतर माना जाता है।
हर थकान का इलाज कॉफी नहीं है
अगर ऑफिस में रोज दोपहर के समय थकान महसूस होती है, तो जरूरी नहीं कि इसकी वजह सिर्फ काम का दबाव हो। कई बार पानी कम पीना, दोपहर में बहुत भारी खाना, लगातार स्क्रीन के सामने बैठे रहना, आयरन, विटामिन B12 या विटामिन D की कमी, तनाव या नींद पूरी न होना भी इसकी वजह हो सकती है। अगर आपको दिनभर कई कप कॉफी पीने के बाद भी सुस्ती रहती है, तो केवल कैफीन पर निर्भर रहने के बजाय इसकी असली वजह जानना ज्यादा जरूरी है। लगातार बनी रहने वाली थकान के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
क्या 'कॉफी नैप' सच में काम करती है
कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि दोपहर में 15 से 20 मिनट की छोटी झपकी लेने से ठीक पहले एक कप कॉफी पीने से कुछ लोगों में जागने के बाद फोकस और सतर्कता बेहतर हो सकती है। इसे 'कॉफी नैप' कहा जाता है। हालांकि यह तरीका हर व्यक्ति के लिए जरूरी या समान रूप से प्रभावी नहीं होता। अगर आप बार-बार कॉफी नहीं पीना चाहते, तो ग्रीन टी भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। इसमें कैफीन की मात्रा कॉफी से कम होती है और L-theanine नाम का अमीनो एसिड कई लोगों में बिना ज्यादा बेचैनी के ध्यान बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके अलावा हर घंटे कुछ मिनट चलना, पर्याप्त पानी पीना और हल्का स्ट्रेच करना भी थकान कम करने के आसान तरीके हैं।
एक दिन में कितनी कॉफी सुरक्षित मानी जाती है
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और यूरोपियन फूड सेफ्टी अथॉरिटी (EFSA) के अनुसार, अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए दिनभर में लगभग 400 मिलीग्राम तक कैफीन सुरक्षित मानी जाती है। यह आमतौर पर 3 से 4 कप सामान्य कॉफी के बराबर हो सकती है, हालांकि यह कॉफी के प्रकार और बनाने के तरीके पर भी निर्भर करती है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, एंग्जायटी, गर्भावस्था या नींद से जुड़ी समस्या है, तो कैफीन की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही रखनी चाहिए।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
डॉ. महेंद्र सिंह राजपूत का मानना है कि कॉफी अपने आप में नुकसानदायक पेय नहीं है। समस्या तब शुरू होती है जब इसे नींद, तनाव, खराब खानपान या लगातार बनी रहने वाली थकान का स्थायी समाधान मान लिया जाता है। यदि कॉफी पीने के बाद घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना, हाथ कांपना या नींद खराब होने जैसी दिक्कतें महसूस होती हैं, तो इसकी मात्रा कम करने और डॉक्टर से सलाह लेने की जरूरत हो सकती है।
यह भी रखें ध्यान
कॉफी ऑफिस की थकान से कुछ समय के लिए राहत जरूर दिला सकती है, लेकिन यह शरीर को वास्तविक आराम नहीं देती। अगर आप दिनभर बार-बार कॉफी पीकर खुद को एक्टिव रखने की कोशिश कर रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत भी हो सकता है कि आपके शरीर को बेहतर नींद, संतुलित भोजन, पर्याप्त पानी या जीवनशैली में बदलाव की जरूरत है। इसलिए कॉफी को एक मददगार पेय की तरह इस्तेमाल करें, लेकिन इसे थकान का स्थायी इलाज न समझें। सही समय, सही मात्रा और संतुलित आदतें ही आपको पूरे दिन बेहतर ऊर्जा बनाए रखने में सबसे ज्यादा मदद करेंगी।
स्रोत:
इस लेख में दी गई जानकारी U.S. Food and Drug Administration (FDA), European Food Safety Authority (EFSA), American Academy of Sleep Medicine, Journal of Clinical Sleep Medicine और कैफीन पर उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर तैयार की गई है। यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। यदि आपको लंबे समय से अत्यधिक थकान, अनिद्रा या कैफीन से जुड़ी कोई समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
