New Year Party In Pushkar: 4000 साल पुराना है पुष्कर के इस मंदिर का इतिहास, जानें क्या है रहस्य

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  • Updated Dec 13, 2022, 06:21 AM IST

Rajasthan : पुष्कर की पहचान महज ब्रह्मा मंदिर व पुष्कर झील ही नहीं है। यहां पर दो बेहद खास मंदिर हैं। पुष्कर घाटी में स्थित नाग पहाड़ी की गोद में स्थित है नौसर माता का पुराना मंदिर। पुष्कर से करीब 9 किमी की दूरी पर सनातन धर्म का उत्पत्ति स्थल कानबाय है। यहां क्षीर सागर मंदिर में भगवान विष्णु की विश्व की सबसे प्राचीनतम मूर्ति होने का दावा किया गया है। कार्बन डेटिंग पद्धति से अनुमान लगाया गया है कि मूर्ति करीब 4 हजार साल पुरानी है।

KEY HIGHLIGHTS
  • नौसर माता मंदिर में देवी के नौ सिरों के होते हैं दर्शन
  • नौसर मंदिर में नवरात्रों में लगते हैं मेले
  • कानबाय में है भगवान विष्णु की विश्व की सबसे प्राचीन प्रतिमा

New Year Party In Pushkar: राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित पुरातन धर्म नगरी पुष्कर की पहचान महज ब्रह्मा मंदिर व पुष्कर झील ही नहीं है। अगर नए साल के मौके पर आप पुष्कर घूमने जा रहे हैं तो ये खबर आपके लिए अहम है। यहां पर दो खास मंदिर हैं जिसमें दशर्नों के लिए देश के सभी हिस्सों से लोग पूजा- अर्चना के लिए आते हैं। बता दें कि, पुष्कर घाटी में स्थित नाग पहाड़ी की गोद में स्थित है नौसर माता का पुराना मंदिर।

new year party in pushkar.

अजमेर के पुष्कर से 9 किमी दूर कानबाय में है भगवान विष्णु की प्राचीन प्रतिमा।

इस मंदिर की खासियत ये है कि, यहां पर देवियों के पिंडी रूप में नहीं, बल्कि नौ सिर के एक साथ दर्शन होते हैं। यही वजह है कि, इसे नौसर माता मंदिर कहा जाता है। यहां पहाड़ी की तलहटी में बसे गांव का नाम भी नौसर है। मंदिर के महंत रामाकृष्ण देव के मुताबिक पद्मपुराण के अनुसार सतयुग में जब जगतपिता ब्रह्माजी ने पुष्कर में यज्ञ किया, तब असुरों से यज्ञ की रक्षा के लिए नव दुर्गा का आह्वान किया था। तब यहां देवियों की यह प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी।

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